क्रिसमस चमत्कार
पढ़ने से पहले… मुस्कुराए… और अपने पूरे परिवार से कहें मैरी क्रिसमस
क्रिसमस चमत्कार
अमेरिका में एक कंपनी में क्रिसमस की पूर्व संध्या पर लॉटरी ड्रॉ के साथ एक पार्टी आयोजित करने की परंपरा रही है।
लॉटरी ड्रा के नियम इस प्रकार हैं: प्रत्येक कर्मचारी अपने हिस्से के रूप में दस डॉलर जमा करता है। कंपनी में तीन सौ लोग हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो हर साल कुल लगभग तीन हजार डॉलर इस लॉटरी ड्रा के लिए जमा हो जाते हैं। फिर एक का नाम चुना जाता है, उसे विजेता घोषित किया जाता है और उसके हिस्से राशी से एकत्रित की गई सम्पूर्ण राशि उसकी हो जाती है!
हर साल की तरह इस बार भी क्रिसमस की पूर्व संध्या पर कार्यालय के कर्मचारियों में उत्साह और उमंग का माहौल रहा। हर कोई इस आयोजन के बाद होने वाले लॉटरी ड्रा का बेसब्री से इंतजार कर रहा था।
नियमानुसार सभी ने कागज की पर्चियों पर अपना नाम लिखकर कमरे के एक कोने में रखे चांदी के लॉटरी के डिब्बे में डाल दिया।
हालांकि एक आदमी, पर्ची पर अपना नाम लिखते समय झिझक रहा था। उसके दिमाग में, कंपनी की सफाई करने वाली कार्मिक के कमजोर और बीमार बेटे के बारे में, जिसका जल्द ही ऑपरेशन होने वाला था, का विचार घूम रहा था। वह जानता था कि उस सफाईकर्मी के पास ऑपरेशन के भुगतान करने के लिए पैसे नहीं है, और इसलिए वह बहुत परेशान है।
हालांकि वह यह भी जानता था कि उसके लॉटरी जीतने की संभावना बहुत कम है, केवल तीन प्रतिशत । फिर भी उस आदमी ने उसकी मदद करने के इरादे से उस सफाईकर्मी का नाम पर्ची में लिख दिया।
सभी लोग उस क्रिसमस इव पर पार्टी में जश्न मना रहे थे। फिर लॉटरी ड्रा का वह पल आ गया जिसका सभी को इंतजार था। उस वक्त सब गंभीर हो गए। माहौल एक दम शांत हो गया…..
कंपनी का मालिक लॉटरी बॉक्स तक गया और एक पर्ची निकाली।
वह आदमी मन ही मन प्रार्थना कर रहा था, “उम्मीद करता हूँ कि वो सफाईकर्मी ही पुरस्कार जीतें।”
मालिक ने पर्ची खोली, उसे मन ही मन पढ़ा और एक पल के लिए रुका………
अपने चेहरे पर मुस्कान के साथ, मालिक ने विजेता के नाम की घोषणा की, और वहां एक चमत्कार था!
विजेता थी वही सफाईकर्मी !
कार्यालय में खुशी की लहर दौड़ गई और सफाई करने वाली महिला, लॉटरी के पैसे लेने के लिए जल्दी से मंच पर आ गई। उसका गला भर आया। वह फूट-फूट कर रोने लगी। उस हालत में उसने अपने भाषण में कहा, “मैं बहुत भाग्यशाली हूं! इन पैसों से, मेरे बेटे के जीवन की आशा जुडी है!”
पार्टी के अंत में, इस _क्रिसमस चमत्कार” के बारे में सोचते हुए, वह आदमी लॉटरी बॉक्स की ओर बढ़ा। उसने यों ही उस बॉक्स से एक पर्ची और निकाली तो उस पर भी उस सफाई करने वाली कार्मिक का ही नाम था! वह आदमी बहुत हैरान हुआ। उसने अपनी उलझन को स्पष्ट करने के लिए एक के बाद एक कई पर्चियां निकाली।
हालाँकि पर्चियों पर लिखावट अलग-अलग थी, पर नाम सभी में एक ही था, उसी सफाईकर्मी का!
दयालुता का यह कृत्य देखकर उस आदमी की आंखें आंसुओं से नम हो गईं।
वह स्पष्ट रूप से समझ गया था कि इस दुनिया में चमत्कार हो सकते हैं, लेकिन ये चमत्कार आसमान से नहीं होते, लोगों को उन्हें खुद गढ़ने की जरूरत होती है!
दया एक विकल्प है। देना एक विकल्प है। क्यों न, जब हमारे पास विकल्प हो तो किसी के जीवन के सबसे अंधेरे क्षणों को रोशन करने की कोशिश की जाए? आइए हम किसी के जीवन में आशा की किरण बनने का प्रयास करें, वह प्रकाश जो दूसरों को देखने में मदद करता है। यह वही है जो जीवन को उसका सबसे गहरा अर्थ देता है!
*”जीवन में खुशियों का रहस्य है दूसरों की मदद करना”! ️
*”लेने की बजाय देने में प्रेम विकसित करना सीखें।”*
चारीजी











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