केंद्र सरकार की बड़ी पहल, MSP पर समिति के लिए संयुक्त किसान मोर्चा से मांगे पांच नाम
नई दिल्ली, केंद्र सरकार ने संयुक्त किसान मोर्चा से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) गारंटी कानून के लिए बनाई जाने वाली समिति के लिए पांच लोगों के नाम मांगे हैं लेकिन मोर्चा ने अभी नाम तय नहीं किए हैं। मोर्चा चार दिसंबर को होने वाली बैठक में इन नामों के साथ ही आंदोलन को दिशा देने संबंधी अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर फैसला लेगा। हालांकि मोर्चा की एक आपातकालीन बैठक बुधवार को दोपहर बाद कुंडली बार्डर पर होगी। इसमें आंदोलन को लेकर रणनीति बनाई जाएगी। मंगलवार को मोर्चा ने जारी बयान में साफ किया कि जब तक किसानों की सभी मांगें पूरी नहीं होंगी, वे यहां से नहीं जाएंगे।
उधर, पंजाब की 32 जत्थेबंदियों ने भी लगातार दूसरे दिन बैठक के बाद कहा कि वे अधूरी मांगों के साथ वापस नहीं जाएंगे। इस बीच, यूपी गेट पर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि प्रदर्शनकारियों की घर वापसी की अफवाह फैलाई जा रही है। एमएसपी पर कानून और किसानों पर लगे मुकदमों की वापसी के बिना हम नहीं जाएंगे। आंदोलन में शामिल निहंग भी सभी संगतों से विमर्श करने के बाद ही वापसी का फैसला लेंगे।
निहंग बाबा बलविंद्र ने कहा कि वे सभी संगतों से बातचीत कर रहे हैं। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के नेता डा. दर्शनपाल ने कहा कि केंद्र ने मंगलवार को मोर्चा से पांच नाम एमएसपी मुद्दे पर विचार करने वाली समिति के लिए मांगे हैं, लेकिन हमने अभी नामों पर फैसला नहीं किया है। हम चार दिसंबर को नाम तय करेंगे। मोर्चा के सभी घटक संगठनों की चार दिसंबर को प्रस्तावित बैठक में प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में उठाए गए विभिन्न बिंदुओं और भविष्य में लिए जाने वाले फैसलों पर भी चर्चा होगी।











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