आज गुरु पुष्य योग का अद्भुत संयोग
यदि गुरुवार को पुष्य नक्षत्र पड़ता है तो सर्वार्थ अमृत सिद्ध योग का निर्माण होता है यह उत्तम योग समस्त कार्यों के लिए प्रशस्त कहा गया है।
आचार्य धीरज द्विवेदी “याज्ञिक” जी ने बताया कि शास्त्रों में गुरुवार को पुष्प नक्षत्र होने पर इस संयोग की बहुत ही महिमा कही गई है।
जो कि हिन्दी पंचांग अनुसार दिनांक – 25/11/2021 दिन – गुरुवार अर्थात् आज दिन – 03:38 मि.तक गुरु पुष्य योग का अद्भुत संयोग है तथा साथ ही सर्वार्थ अमृत सिद्ध योग एवं रवि योग भी है।
गुरु पुष्य के अद्भुत संयोग में करें उपाय होगा लाभ –
गुरु पुष्य योग में वैदिक साधना, अपने इष्ट देव का पूजन,श्री लक्ष्मी नारायण जी का पूजन,भगवान बृहस्पति का पूजन,मां सरस्वती का पूजन,स्वर्ण दान, पुस्तक दान,पीले वस्त्रों एवं पीले वस्तुओं का दान करने से अनंत पूण्य की प्राप्ति होती है।
आचार्य धीरज द्विवेदी याज्ञिक जी ने बताया कि जिसके कुंडली में बृहस्पति ग्रह अनुकूल नहीं हो उसे बृहस्पति का जप,पूजन एवं बृहस्पति संबंधित दान करने से लाभ होता है।
विशेषकर विद्यार्थियों को बुद्धि, विद्या,एवं शिक्षा में सफलता प्राप्ति के लिए इस दिन मां सरस्वती का पूजन,भगवान बृहस्पति का पूजन एवं धार्मिक पुस्तक का अवश्य दान करना चाहिए।
आर्थिक स्थिति से परेशान लोगों को भी उपरोक्त उपायों में से किसी एक उपाय को अपने सामर्थ्य अनुसार अवश्य करना चाहिए।
दरिद्रता निवारण हेतु स्वर्ण,रजत, ताम्र (सोना,चांदी,तांबा) तीनों का दस,बारह,चौदह रत्ती क्रमानुसार मुद्रिका (अंगुठी) बनवाकर विधिवत पूजन करके धारण एवं दान करना चाहिए।
कन्याओं एवं ब्राह्मणों को भोजन कराने तथा गरीबों को भी अन्न दान करने से लाभ होता है।
इस दिन गौ,गुरु,गंगा एवं माता-पिता का पूजन तथा बड़ों का आदर, सम्मान,सत्कार अवश्य करें ऐसा करने से भी विद्या,बुद्धि,धन,ऐश्वर्य में वृद्धि होती है।
आचार्य धीरज द्विवेदी “याज्ञिक”
(ज्योतिष वास्तु धर्मशास्त्र एवं वैदिक अनुष्ठानों के विशेषज्ञ)
संपर्क सूत्र – 09956629515
08318757871












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