हमारे बच्चों को बहुत कम उम्र से ही प्रोत्साहित करने तथा रुचि लेने एवं निरीक्षण (अवलोकन) की क्षमता विकसित करने के मार्ग हैं :
1 – इसमें प्रथम है एक अनुकरणीय आदर्श (रोल मॉडल) बनना ।
2 – दूसरा, उनमें चैतन्य होकर दिशा-निर्देश प्राप्त करने की भावना का विकास करने में उनकी मदद करना।
3 – तीसरा, उनकी रचनात्मकता और मौलिकता को प्रोत्साहित करना।
4 – चौथा, उनको उनकी भावनाओं, अनुभूतियों तथा मनोभावों को पता लगाने में उनकी मदद करना।












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