धनुष टूटते ही सीता ने किया राम का वर्णन लगे जयकारे।
अशोक बेशरम पेटू राजा के हास्य अभिनय पर लोटपोट हुए दर्शक।
करछना। क्षेत्र के देवरी कलां में आदर्श बाल रामलीला कमेटी द्वारा चल रहे मंचन के दौरान धनुषयज्ञ की रामलीला देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटी। महाराज जनक द्वारा आयोजित सीता स्वयंवर और धनुष यज्ञ की मखशाला में देश देश के राजा धनुष उठाने के लिए जुटे। रावण,बाणासुर जैसे महा प्रतापी राजा भी जब धनुष को नहीं उठा सके तो इसे देख महाराज जनक का मन व्याकुल हो उठा। उनके मुख से यह वचन सुन कि, मुझको तो यह विश्वास हुआ पृथ्वी वीरों से खाली है, अचानक लक्ष्मण क्रोधित हो उठे। इसी बीच जनक के मन की चिंता को भांपते हुए विश्वामित्र मुनि का आदेश पाकर राम उठे और धनुष का खंडन कर दिया।धनुष के टूटते ही पाण्डाल श्री राम के जयकारों से गूंज उठा। इसके पूर्व पेटू राजा की भूमिका में अपने हास्य अभिनय के लिए चर्चित कवि अशोक बेशरम ने सभी दर्शकों को जी भर गुदगुदाते हुए लोटपोट कर दिया। मंच पर साधु राजा दुष्ट राजा राम लक्ष्मण विश्वामित्र सुनैना जनक जैसे पात्रों की भूमिका सराहनीय रही।कमेटी के संरक्षक विक्रमादित्य पांण्डेय और निदेशक राजन शर्मा ने रामलीला देखने आए दर्शकों के प्रति स्वागत आभार प्रकट किया। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग महिलाएं और बच्चे मौजूद रहे।
धनुष टूटते ही सीता ने किया राम का वर्णन लगे जयकारे।












Leave a Reply