Prayagra : इनर रिंग रोड परियोजना के प्रथम चरण में प्रभावित होंगे चार हजार किसान
जिले के विकास की अबतक की सबसे बड़ी महात्वाकांक्षी इनर रिंग रोड परियोजना के प्रथम चरण के लिए 192 हेक्टयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। रीवा रोड से सहसों के बीच 45 गांवों से होकर गुजरने वाली इस इनर रिंग रोड से चार हजार किसान प्रभावित होंगे। लवायन कला के पास गंगा पर तीन किमी लंबे पुल का निर्माण कराया जाएगा।
शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग-दो पर प्रस्तावित इनर रिंग रोड परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का काम जल्द शुरू होगा। इसके बाद मुआवजे के भुगतान की प्रक्रिया शुरू होगी। कानपुर से वाराणसी जाने वाले राजमार्ग पर इनररिंग रोड का प्रथम चरण में निर्माण कुंभ-2025 को देखते हुए अभी सिर्फ 28 किमी कराया जाएगा। इसके लिए रीवा रोड पर पालपुर गांव से इस इनर रिंग रोड की शुरुआत होगी। इसके बाद जीटी रोड पर महुआरी, लवाइन कला होते हुए अंदावा के रास्ते इस रिंग रोड को आगे ले जाकर सहसों में फिर एनएच-2 से मिला दिया जाएगा।
हालांकि दो चरणों में बनने वाली करीब 68 किलोमीटर लंबी यह इनर रिंग रोड छह तहसीलों के 155 गांवों से होकर गुजरेगी। इनमें सदर के साथ सोरांव, करछना, फूलपुर, बारा व हंडिया तहसील के गांव होंगे। लेकिन, प्रथम चरण में सिर्फ 45 गांव प्रभावित होंगे। इनर रिंग रोड के बन जाने से कानपुर से मध्य प्रदेश जाने वाले वाहनों को शहर में प्रवेश नहीं करना होगा। वहीं, एमपी से कानपुर या वाराणसी जाने वालों को भी इससे काफी राहत मिलेगी। बिना शहर में प्रवेश किए इनर रिंग रोड के रास्ते ही इन रूटों के वाहन निकल जाएंगे। इससे शहर के लोगों को जाम की समस्या से निजात मिलेगी। इसके अलावा कई जगह संपर्क मार्ग बनने से जिले के ग्रामीणांचल इलाकों के लोगों को भी काफी राहत मिलेगी।











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