संगम नगरी प्रयागराज में मौनी अमावस्या पर श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा रहे हैं हर जगह बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने और स्नान के साथ दान-पुण्य कर रहे हैं। अखाड़े अपनी परम्परा के अनुसार तड़के स्नान करते हैं। इसके साथ ही कल्पवास कर रहे लोग भी पुण्य की डुबकी लगाते हैं। प्रयागराज के माघ मेले के तीसरे और सबसे बड़े स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर संगम तथा मेला क्षेत्र में अन्य गंगा घाटों पर जमकर पुण्य की डुबकी लग रही है। यहां स्नानार्थी पूरी आस्था के साथ पुण्य की डुबकी लगा रहे हैं।मौनी अमावस्या के दिन सुबह से मौन व्रत रखा जाता है। ध्यान चिंतन आदि करना चाहिए। मौनी अमावस्या का अपना खास महत्व है। मौनी अमावस्या के दिन पवित्र नदी तट पर देवताओं का वास रहता है।
जिला प्रशासन का अनुमान है कि मौनी पर आज यहा दो करोड़ से भी ज्यादा श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा रहे हैं।
कई लाख लोगों ने भोर में ही संगम स्नान कर लिया सुबह यहां हुई बारिश के बावजूद लोगों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई है। निरन्तर भीड़ बढ़ती जा रही है। इस दौरान संत महात्मा संगम में माँ गंगा के साथ बच्चों की तरह हठखेलियां भी करते नजर आये। इस तरह प्रयागराज की धरती पर ना केवल नदियों का संगम हो रहा है बल्कि देश-विदेश की विभिन्न संस्कृतियों का भी संगम हो रहा है। यहां झूंसी-नैनी, दारागंज-अरैल सहित अन्य क्षेत्र त्रिवेणीमय हो गया है। प्रयागराज की सड़कों पर केवल मौनी अमावस्या पर स्नान करने वालों की भीड़ नजर आ रही है।












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