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पौराणिक पात्रों के स्वरूप को विकृत कर रहे फिल्म एवं सिनेमा वाले – आचार्य धीरज “याज्ञिक”

पौराणिक पात्रों के स्वरूप को विकृत कर रहे फिल्म एवं सिनेमा वाले – आचार्य धीरज “याज्ञिक”

पौराणिक पात्रों के स्वरूप को विकृत कर रहे फिल्म एवं सिनेमा वाले – आचार्य धीरज “याज्ञिक”

सिनेमा,फिल्म एवं सीरियल वाले भारतीय शास्त्रों तथा पुराणों में वर्णित पात्रों के स्वरूप को विकृत कर रहे हैं।शास्त्रों,पुराणों में वर्णित स्वरूप में जैसे हम भारतीय और हिन्दू समाज की श्रद्धा है फिल्म,सिनेमा व सीरियल वालों को उसी का चित्रांकन करना चाहिए क्योंकि यही उचित है।जैसा कि अभी हम सब रामायण और महाभारत आदि सीरियल में देखते आए हैं।परन्तु उसे विकृत करना या करने का प्रयास एक षड्यंत्र है जैसा कि आदिपुरुष फिल्म में हैं।
मैं निवेदन करता हूं कि इसमें सभी धर्माचार्यों,धर्मगुरुओं,समाज के धर्म संवाहको एवं समस्त हिन्दू समाज को मिलकर आवाज उठानी चाहिए बहिष्कार तो इसका करें ही इस पर बैन भी लगना चाहिए।अन्यथा विशेषकर नई पीढ़ी समझ भी नहीं पाएगी की प्रभु राम का स्वरूप क्या है रावण का स्वरूप क्या है क्योंकि अभी तक बहुत सारी फिल्में,सीरियल बनें हैं किन्तु प्रभु राम रावण के स्वरूप पुराणों,शास्त्रों के अनुसार मिलते-जुलते रहे हैं किन्तु इस आदिपुरुष फिल्म में तो बिल्कुल ही भिन्न विकृत स्वरूप है। अतः हम समस्त हिन्दू समाज ऐसा करने वालों का बहिष्कार करें तथा ऐसे सीरियल और फिल्मों को वैन करने हेतु तथा आगे भी कोई ऐसी धृष्टता न करे इसके लिए भारत सरकार से मांग करें।

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