शहादत को सलाम: वो क्रांतिकारी जिसने कहा ‘आजाद हूं, आजाद ही रहूंगा’
चंद्रशेखर आजाद ने कभी भी अंग्रेजों के हाथ न आने की कसम खाई थी। आजाद ने भगत सिंह के साथ मिलकर लाहौर में लाला लाजपत राय की मौत का बदला सॉन्डर्स की हत्या करके लिया था। उन्होंने काकोरी कांड में सक्रिय भाग लिया था। उनका नारा था- आजाद हैं, आजाद रहेंगे और कभी न पकड़े जाएंगे। इसी को याद करते हुए ब्रिटिश पुलिस के साथ मुठभेड़ के दौरान उन्होंने खुद को गोली मारकर देश के लिए जान दे दी।













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