- प्रेरक कहानियां
गुरु पूर्णिमा पर सभी गुरूओं को प्रणाम करता हूँ।
कुछ लोग मुझसे ज्ञान में
श्रेष्ठ है..
कुछ लोग मुझसे संस्कार
में श्रेष्ठ है..।
कुछ लोग मुझसे बल में
श्रेष्ठ है..
कुछ लोग मुझसे धन में
श्रेष्ठ है..
कुछ लोग मुझसे सादगी में
श्रेष्ठ है..
कुछ लोग मुझसे पराक्रम
में श्रेष्ठ है…
कुछ लोग मुझसे बुद्धिमता में श्रेष्ठ है..
कुछ लोग मुझसे बोल व्यवहार में श्रेष्ठ है…. कुछ लोग मुझसे सेवा कार्यों में श्रेष्ठ है… कुछ लोग मुझसे कर्मशीलता में श्रेष्ठ है..
कुछ लोग मुझसे गम्भीरता में श्रेष्ठ है..
कुछ लोग मुझसे भोलेपन में श्रेष्ठ है..
इसका मतलब प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी रूप में मुझसे श्रेष्ठ अवश्य
है।
अतः मैं सभी श्रेष्ठ व्यक्तियों को हृदय की गहराइयों से प्रणाम करता
@ सभी गुरूजनों को सादर प्रणाम जिनसे मुझे कदम कदम पर कोई न कोई सीख मिलती रही है।
गुरु बिन ज्ञान नहीं, ज्ञान बिन आत्मा नहीं, ध्यान, ज्ञान, धैर्य और कर्म सब गुरु की ही देन हैं ।
गुरुर्ब्रम्हां गुरुर्विष्णु गुरुर्देवो महेश्वर: गुरु साक्षात परब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः












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