कुंवर रेवती रमण सिंह जी किसी भी पद से है उपर
एक ऐसे राजनेता जिसके स्वर्णिम 50वर्ष का विराट राजनीतिक जीवन है वह हमारे गंगापुत्र आदरणीय कुंवर रेवती रमण सिंह जी है । प्रयागराज की धरती के हितों की रक्षा व वहां की धरती के साथ न्याय सदैव इन्होने किया । मुलायम सिंह यादव के राजनीतिक जीवन की बुनियादी ईट 2 बार ईनहोनें रखी जिसके फलस्वरूप 2बार मुख्यमंत्री बनने का सौभाग्य मुलायम सिंह यादव(नेताजी) को मिला। इसिलिए नेताजी और कुंवर साहब का सम्मान एकदूसरे को मिला । कुंवर साहब के राजनीतिक शक्ति से भलीभांति नेताजी परिचित थे और कुंवर साहब ने बखूबी साथ निभाया ।
कुंवर साहब का बेदाग राजनीतिक जीवन ऐसा रहा की चाहे इंदिरा गांधी , वीपी सिंह, अटल जी, या वर्तमान मोदी का रहा हो सबने सदैव उनकी जनता को समर्पित राजनीत का सम्मान किया ।
आज के परिपेक्ष्य में समाजवादी पार्टी के संरक्षक तो मुलायम सिंह जी है पर आज फैसले केवल अखिलेश जी ले रहे है बिना शीर्ष नेताओं की सलाह लिए, शायद वह भूल गए है कि जब शिवपाल जी से शक्ति प्रदर्शन हो रहा था तब घर से स्टेज तक कुंवर साहब अखिलेश यादव जी का खूब साथ दिए। पर अबकी बार अखिलेश यादव जी ने नासमझी की कपिल सिब्बल और जावेद अली को देकर वोट कटवाया है, आज जननेता की उपेक्षा कर शेखचिल्ली कदम पार्टी के लिए साबित होगा । समाजवादी पार्टी को इलाहाबाद में मजबूत करने में मुख्य भूमिका कुंवर साहब ने निभाई, जब कुछ विधानसभा मे पार्टी का तंबू उखड़ जाता था तब कुंवर साहब के बदौलत वह स्थापित हुआ जिसके बदौलत भाजपा के दिग्गज मुलली मनोहर जोशी जी को पराजय का सामना करना पड़ा।
कुंवर रेवती रमण सिंह जी किसी भी पद से उपर है, वह एक राजघराने के तो है पर उनका प्यार व स्नेह सदैव हर जाती धर्म व वर्ग के लोगो को मिला । आजतक कुंवर साहब ने हमसबको प्यार व स्नेह दिया अब हमसबको भी अपना दायित्व निभाने का मौका मिला है । कुंवर साहब व उज्जवल जी अब जों भी निर्णय लेंगे हमसब पूरी मजबूती से जीवन-पर्यन्त उनके साथ है (तन मन धन) ।













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