शख्सियत: जसवंत सिंह रावत, वो भारतीय जांबाज जो शहीद हुआ पर मरा नहीं 3
जब चीनी सेना के अधिकारियों को जसवंत सिंह के अदम्य साहस का पता चला तो उन्होंने नूरानांग में इस जांबाज की प्रतिमा स्थापित करा दी। बाद में भारतीय सेना ने यहां मंदिर बनवा दिया। जो भी यहां से गुजरता है, मत्था टेकता है। भारतीय सेना ने उन्हें अमर घोषित कर दिया। आज भी बाकायदा उनकी ड्यूटी लगती है, छुट्टियां पास होती है, उनकी यूनिफॉर्म प्रेस होती है और इस सबसे बढ़कर उनकी कहानी हर जवान को प्रेरित करती है।













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