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सत्ता की गोद में कितनी बुलंद हो पाएगी किसानों के हक की आवाज

सत्ता की गोद में कितनी बुलंद हो पाएगी किसानों के हक की आवाज

सत्ता की गोद में कितनी बुलंद हो पाएगी किसानों के हक की आवाज?

BKU में दो फाड़ से न सिर्फ टिकैत बंधुओं को झटका लगा है, बल्कि किसान एकता पर भी असर हुआ है। पंजाब, हरियाणा से लेकर UP तक किसान बिखर चुके हैं। जो BKU अराजनीतिक संगठन बनाया गया है, उसके अध्यक्ष राजेश चौहान और संरक्षक राजेंद्र सिंह मलिक योगी सरकार के करीबी बताए जाते हैं। जिस किसान एकता की बदौलत मोदी सरकार कृषि कानूनों को वापस लेने पर मजबूर हो गई, क्या इन परिस्थितियों किसान हक की आवाज बुलंद कर सकेंगे?

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