यमुनापार के पौराणिक स्थलों का अलंकरण जरूरी=डॉ. पाण्डेय
करछना।प्रयागराज की पंचक्रोशी परिक्रमा के अंतर्गत जमुनापार परिक्षेत्र में कई ऐतिहासिक और पौराणिक स्थल मौजूद हैं। परम्परागत रूप से ऐसे आस्था के केंद्रों पर प्रतिवर्ष विशेष पर्वों पर मेलों के साथ-साथ साहित्यिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के भी आयोजन किए जाते हैं।अपने अतीत के इन प्रतीकों और श्रद्धा भक्ति की परंपरा को सहेजे अपने प्राचीन मंदिरों और पौराणिक स्थलों का जीर्णोद्धारऔर अलंकरण बहुत ही जरूरी है। यह बातें जागृति मिशन के संयोजक डॉ.भगवत पाण्डेय ने रामपुर स्थित लोकमंगल संस्थान में आयोजित एक संगोष्ठी के दौरान कही। उन्होंने कहा कि सोमेश्वर महादेव,बाल्मीकि आश्रम,कुशगढ़ स्थित प्राचीन शिव मंदिर,जरकुटी महादेव मंदिर,बाबा समोगर नाथ धाम,मांण्डवी देवी,सुदिष्ट बाबा महाराज,सुजावन देव,पाटलेश्वर महादेव,पहाड़ी महादेव,बोलन धाम समेत चाका क्षेत्र में स्थित चक्र माधव, गधा माधव जैसे हमारे अतीत के पौराणिक महत्व से जुड़े प्राचीन मंदिरों का इतिहास रहा है।आगामी कुंम्भ के पूर्व जहां एक ओर शासन द्वारा पंचक्रोशी परिक्रमा की परिधि में आने वाले ऐसे स्थलों औरआस्था के केंद्रों के अलंकरण का संकल्प लिया गया है उसी क्रम में यदि जमुनापार परिक्षेत्र के ऐसे पौराणिक स्थल पेयजल, विद्युत,साफ-सफाईऔर यात्री सेट जैसी सुविधा से युक्त हो जाएं तो पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंन्द्र बन सकेंगे और इससे राजस्व आय बढ़ने के साथ-साथ संपूर्ण क्षेत्र का भी बहुमुखी विकास होगा। नारायण दत्त तिवारी ने कहा कि इसके लिए पूर्व में स्थानीय सांसद डॉ रीता बहुगुणा जोशी से मिलकर मिशन ने आग्रह किया है और प्रयागराज के मंण्डलायुक्त समेत पर्यटन निदेशक के संज्ञान में भी मिशन द्वारा अपने इन मानकों के जीर्णोद्धार को लेकर गुहार लगाई गई है। वक्ताओं ने कहा कि अतीत के यह धरोहर हमारी माटी परिपाटी संस्कृति संस्कार आस्था और विचार की पूंजी हैं इन्हें संजोना समय की जरूरत है।इस मौके पर मानिकचंद ओझा, तीरथ राज पांण्डेय, रोशनलाल, राजमणि चौधरी,विजयपाल कमला शंकर तिवारी,मनीष तिवारी,जितेंद्र मिश्रा,अशोक विश्वकर्मा,मनोज दुबे,अशोक सिंह,अतुल तिवारी समेत मिशन के कई लोग मौजूद रहे।













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