कुछ ख़ुशियाँ कुछ आँसू दे कर टाल गया
जीवन का इक और सुनहरा साल गया
तू नया है तो दिखा सुबह नई शाम नई
वर्ना इन आँखों से कई नए वर्ष टाल गया
बिछड़ने वालो को ये बात कौन समझाये
साल बदल जाता कैलन्डर रह जाता है
पर दोबारा लौट के आने में उम्र लगती है
यह सोच न रूठ किसी अपने से
वो साल गया ये साल नया ।
आप सभी को सपरिवार नव वर्ष की मंगल शुभकामनाएं 🙏
सुरेंद्र बहादुर सिंह
*निदेशक
जन मीडिया टीवी
वेब न्यूज़ चैनल
राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष भारतीय किसान कल्याण संघ
संस्थापक उर्मिला इंटरनेशनल स्कूल मुंगारी करछना प्रयागराज
सौरभ आईटीआई नैनी प्रयागराज
शालिनी सेवा समिति
शालिनी सेवा ट्रस्ट प्रयागराज











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