अधिकारियों को गुमराह करता रहा लेखपाल, कमिश्नर प्रयागराज के आदेश पर किया गया निलंबित
प्रयागराज, अपनी कारगुजारी की वजह से फिर एक लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की गई है। सोरांव में ग्रामीण के पट्टे की जमीन के मामले में लेहरा गांव में तैनात लेखपाल ने गलत रिपोर्ट लगाई। कमिश्नर की जांच में लेखपाल की गलत रिपोर्ट पकड़ी गई। ऐसे में कमिश्नर के आदेश पर लेखपाल को निलंबित कर दिया गया।
समाधान दिवस में की थी कमिश्नर से शिकायत
यह मामला कुछ यूं हैं। 16 अक्टूबर को तहसील सोरांव में आयोजित समाधान दिवस में कमिश्नर संजय गोयल ने ग्रामीणों की फरियाद सुनी थी। उस दौरान राम निवास पुत्र रामबली निवासी ग्राम लेहरा, मलाक चौधरी ने बताया कि उसके नाम गाटा संख्या 142 और गाटा संख्या 248 का पट्टा है। वह अनुसूचित जाति का है और खेतिहर मजूदर है। उसे आवासीय एवं कृषि के लिए जमीन पट्टे पर मिली थी। लेकिन वह उस पर अब तक काबिज नहीं हो पाया है। उस जमीन पर गांव के ही कुछ लोग कब्जा किए हैं। वह कई बार शिकायत किए लेकिन न्याय नहीं मिल रहा है। लेखपाल ने भी उस मामले में गलत रिपोर्ट लगाई है।
अधिकारियों को गुमराह किया और गलत तथ्य पेश किए
कमिश्नर ने मामले की जांच अपर आयुक्त प्रथम को दी। उन्होंने जांच करके अब रिपोर्ट कमिश्नर को सौंपी। अपर आयुक्त प्रथम ने लिखा कि अपनी जांच रिपोर्ट में पट्टे की भूमि के मामले में वहां तैनात लेखपाल मनोज कुमार तिवारी ने गलत रिपोर्ट दी थी। उसने अधिकारियों को गुमराह किया। आइजीआरएस की शिकायत का निस्तारण भी लेखपाल ने गलत तथ्य से की। इसलिए कमिश्नर ने लेखपाल के खिलाफ एसडीएम सोरांव ज्योति मौर्या को कार्रवाई के निर्देश दिया। बुधवार को एसडीएम ने लेखपाल को निलंबित कर दिया।











Leave a Reply