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prayagrajकैप्टन विक्रम बत्रा के दिल में रहा प्रयागराज का खास स्थान

prayagrajकैप्टन विक्रम बत्रा के दिल में रहा प्रयागराज का खास स्थान
कैप्टन विक्रम बत्रा के माता-पिता राष्ट्रीय गणित दिवस के मौके पर एक्सीड कोचिंग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने प्रयागराज आए तो बेटे से जुड़ीं प्रयागराज की उनकी तमाम यादें ताजा हो गईं। कारगिल युद्ध में अपनी जाबाजी से दुश्मनों को भगाने वाले कैप्टन बत्रा यही सर्विस सलेक्शन बोर्ड से चयनित हुए थे। कैप्टन बत्रा के पिता गिरधारी लाल और मां कमलकांता गुरुवार को दिन में बीएचयू के पूर्व कुलपति एवं उच्चतर शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. जीसी त्रिपाठी के बैंक रोड स्थित घर पहुंचीं। जहां प्रो. त्रिपाठी ने दोनों को सम्मानित किया। इस दौरान हिन्दुस्तान से हुई मुलाकात में उन्होंने कैप्टन की प्रयागराज से जुड़ी स्मृतियों को साझा किया।

बताया कि सर्विस सलेक्शन बोर्ड के लिए विक्रम 1996 में प्रयागराज आए थे। उनका चयन टॉप 35 अभ्यर्थियों में हुआ था। भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में शामिल होने के लिए उन्होंने कॉलेज ड्राप किया था। प्रशिक्षण समाप्त होने पर उन्हें छह दिसंबर 1997 को जम्मू के सोपोर में 13 जम्मू-कश्मीर राइफल्स में लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्ति मिली थी। 1999 में कारगिल की जंग में विक्रम को भी बुलाया गया था। फिर श्रीनगर-लेह मार्ग के ठीक ऊपर सबसे महत्वपूर्ण 5140 चोटी को पाक सेना से मुक्त कराने का जिम्मा दिया गया था। 20 जून 1999 को इस पोस्ट पर विजय हासिल की थी। उसी बीच उन्होंने दिल मांगे मोर का नारा दिया। फिर सात जुलाई 1999 को प्वाइंट 4875 चोटी पर कब्जे के लिए भी कैप्टन विक्रम और उनकी टुकड़ी को जिम्मेदारी सौंपी गई। युद्ध के दौरान कैप्टन विक्रम बत्रा ने 12 दुश्मन सैनिकों को मार गिराया थायहां वह सीने में गोली लगने से 24 वर्ष की आयु में शहीद हो गए थे। उनकी इस बहादुरी के लिए भारत सरकार ने मरणोपरांत सर्वोच्च और सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार परमवीर चक्र से सम्मानित किया था। विक्रम बत्रा के जीवन से प्रेरित होकर बनीं धर्मा प्रोडेक्शन की फिल्म शेरशाह इसी वर्ष रिलीज हुई। पिता गिरधारी लाल ने बताया कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय से भी उनका नाता रहा है। बॉटनी विभाग के प्रो. एसएम प्रसाद के साथ उन्होंने एक साल तक एक प्रोजेक्ट पर काम किया। इस मौके पर कुलदीप मिश्र, प्रो. आरसी त्रिपाठी आदि लोग मौजूद रहे।

हर कोई हो गया था भावुक

प्रयागराज। कैप्टन विक्रम बत्रा के माता-पिता ने बुधवार को एक्सीड कोचिंग की ओर से प्रयाग संगीत समिति में आयोजित समारोह में बतौर मुख्य अतिथि मेधावियों को सम्मानित किया था। इस मौके पर दोनों के उद्बोधन सुन हर कोई भावुक हो गया था। पूर्व कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी ने कैप्टन बत्रा के माता-पिता को माला पहनाकर सम्मानित करने के बाद उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया था। इससे पूर्व कर्नलगंज स्थित कोचिंग से शहीद नमन यात्रा निकाली गई थी। सीडीएस बिपिन रावत समेत अन्य शहीदों को श्रद्धांजलि देने के बाद एक्सीड सोसाइटी के अध्यक्ष कुलदीप मिश्रा की पुस्तक का विमोचन शहीदों के परिजनों ने किया था।

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