ओमीक्रोन का डर है, पर पढ़ाई से अब समझौता नहीं
ओमीक्रोन को लेकर एक बार फिर से दहशत का माहौल बनने लगा है। सर्वाधिक चिंता स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर है। डेढ़ साल के अंतराल के बाद धीरे-धीरे स्कूलों में स्थितियां सामान्य होने लगी थी कि कोरोना के नए वेरिएंट ने अभिभावकों की चिंता फिर बढ़ा दी है। अभिभावकों और विद्यार्थियों में ओमीक्रोन का डर तो है लेकिन अब वे पढ़ाई से समझौता नहीं चाहते। प्रस्तुत है प्रधानाचार्यो, अभिभावकों व छात्रों की राय-
अभिभावक विनय कुमार यादव के अनुसार-‘मेरी तीन बेटियां रानी रेवती देवी इंटर कॉलेज में पढ़ती हैं। मुझे डर तो लगता है लेकिन बच्चों की पढ़ाई का नुकसान न हो इसलिए पूरी सुरक्षा के साथ विद्यालय भेजता हूं।’ इसी स्कूल के अभिभावक राधेश्याम कहते हैं-ओमीक्रोन से बहुत ज्यादा डरने की आवश्यकता नहीं है। मैं दोनों बच्चों को पूरी सुरक्षा के साथ भेजता हूं।’रानी रेवती देवी में कक्षा 6 की छात्रा मुस्कान यादव और 10वीं की छात्रा कशिश शुक्ला कहती हैं-मेरी पढ़ाई का पहले ही बहुत नुकसान हो चुका है। डर लगता है पर पूरी सुरक्षा के साथ स्कूल जा रही हूं। सरकार जो निर्देश देगी उसका पूरा पालन करूंगी। 11वीं के छात्र ईशान पांडेय के अनुसार-‘नई बीमारी से डर तो लग रहा है लेकिन पिछली बीमारी में पढ़ाई का इतना नुकसान हो चुका है कि अब पूरी सुरक्षा के साथ विद्यालय जाता हूं।’
ज्वाला देवी के शिक्षक संतोष कुमार पांडेय का कहना है कि ओमीक्रोन का सबसे अधिक प्रभाव बच्चों पर होने की आशंका है क्योंकि अभी तक बच्चों का टीका नहीं आ सका है। लिहाजा बच्चों के टीकाकरण पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। संगीत शिक्षक मनोज गुप्ता ने बताया कि ओमीक्रोन के बारे में बच्चों को गीतों के माध्यम से भी जागरूक कर रहे क्योंकि गीतों से बात आसानी से समझ में आती है।
इनका कहना हैविद्यालय की तरफ से सुरक्षा एवं बचाव की सारी व्यवस्थाएं की गई है और समय-समय पर बच्चों को जानकारी भी दी जाती है।
बांके बिहारी पांडेय, प्रधानाचार्य रानी रेवती देवी इंटर कॉलेज राजापुर
ओमीक्रोन के मद्देनजर पूरी सावधानी बरती जा रही है। स्कूल के प्रवेश द्वार से कक्षा- कक्ष तक पूर्णतया सेनेटाइज करने की व्यवस्था है। जो भी गाइडलाइन आएगी उसका पूरी तरह पालन होगा। जरूरत पर 50% क्षमता के साथ विद्यालय चलाया जा सकता है।विक्रम बहादुर सिंह परिहार, प्रधानाचार्य, ज्वाला देवी इंटर कॉलेज, सिविल लाइंस
ऑनलाइन और ऑफलाइन क्लास दोनों का विकल्प
शहर के प्रतिष्ठित अंग्रेजी स्कूलों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों कक्षाओं का विकल्प खुला रखा है। महर्षि पतंजलि विद्या मंदिर की प्रधानाचार्या सुष्मिता कानूनगो का कहना है कि कक्षा एक से आठ तक की ऑफलाइन और ऑनलाइन कक्षाएं पूरी सुरक्षा अपनाते हुए चलाई जा रही है। अभी तक ओमीक्रोन को लेकर अभिभावकों की ओर से कोई फीडबैक नहीं मिला है। डेढ़ साल के अंतराल के बाद ऑफलाइन कक्षाएं शुरू कर रहे सेंट जोसेफ कॉलेज के प्रिंसिपल फादर थॉमस कुमार का कहना है कि ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों कक्षाओं का विकल्प दिया जा रहा है। सरकार की गाइडलाइन का पूरा पालन करेंगे।
बच्चों की वैक्सीन के लिए शासन के निर्देश का इंतजार
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. तीरथ लाल के अनुसार, बच्चों की वैक्सीन को लेकर अभी शासन के निर्देश का इंतजार है। ओमीक्रोन के खतरे को देखते हुए जांच तेज की जा रहा है। एसआरएन के सीनियर फिजिशियन डॉ. सुजीत वर्मा के अनुसार, अभिभावक बच्चों पर खास ध्यान रखें। स्कूल जाते हैं तो मास्क व सेनेटाइजर का इस्तेमाल करते रहे। हल्के लक्षण पर तुरंत डॉक्टरी सलाह लें।











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