प्रयागराजःकोरांव के खीरी क्षेत्र के लेखपाल और कानूनगो की गलत रिपोर्ट पर पाटा जा रहा था नाला
कोरांव के खीरी क्षेत्र में सिंचाई विभाग के नाला पाटने के मामले में लेखपाल और कानूनगो दोषी पाए गए हैं। दोनों की गलत रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन ने नाला पाटने का आदेश दिया था। मामले की सच्चाई जांच में सामने आई तो जिलाधिकारी ने दोनों के खिलाफ कार्रवाई को लिखा है।
कोरांव के खीरी क्षेत्र में सिंचाई विभाग का नाला था। पिछले दिनों नाला पाटने के लिए जिला प्रशासन ने काम शुरू किया तो सिंचाई विभाग के इंजीनियर ने इसका खुलकर विरोध किया। इस दौरान इंजीनियर और एसडीएम भी आमने सामने आए। बात बनती न देखकर इंजीनियर प्रशासन की जेसीबी के सामने लेट गए और इसका फोटो सार्वजनिक हुआ। मामला मीडिया में उछला तो जिला प्रशासन का इस पर ध्यान गया। जिलाधिकारी संजय कुमार खत्री ने मामले पर जांच कमेटी गठित कर दी। कमेटी ने जांच की तो पाया कि मामले में स्थानीय कानूनगो और लेखपाल की रिपोर्ट ही गलत है। दोनों की रिपोर्ट बता रही थी कि नाला किसी व्यक्ति का था। इस गलत रिपोर्ट के आधार पर ही प्रशासन ने नाले को पाटने का आदेश दिया था। लेखपाल और कानूनगो की मिली भगत की बात सामने आई तो जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। डीएम ने दोनों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है।
जो जांच रिपोर्ट आई है, उसमें लेखपाल और कानूनगो की गलती साबित हो रही है। ऐसे में अब दोनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए संस्तुति कर दी गई है।
संजय कुमार खत्री, जिलाधिकारी











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