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महंत नरेंद्र गिरि ने सतुआ बाबा से कहा था तीन लोगों ने देखा है आपत्तिजनक वीडियो

महंत नरेंद्र गिरि ने सतुआ बाबा से कहा था तीन लोगों ने देखा है आपत्तिजनक वीडियो

महंत नरेंद्र गिरि ने यूं हीं आत्महत्या करके जान नहीं दी। जिस वीडियो के वायरल होने के डर से वह खौफजदा थे, उस वीडियो को प्रयागराज के एक और हरिद्वार में दो लोगों ने देखा था। सीबीआई की जांच में यह बात सामने आई है कि उस वीडियो को दिखाकर ही आनंद गिरि उन्हें ब्लैकमेल करना चाह रहा था। मौत को गले लगाने से पहले महंत नरेंद्र गिरि ने इस वीडियो जिक्र सतुआ बाबा से भी किया था। हालांकि सीबीआई ने इस आपत्तिजनक वीडियो को बरामद कर लिया या नहीं, इसका आरोप पत्र में जिक्र नहीं किया है।
महंत नरेंद्र गिरि 20 सितंबर को मठ बाघंबरी गद्दी में फांसी पर लटके मिले थे। पुलिस को उनके कमरे से सुसाइड नोट और उनके मोबाइल में उनकी वीडियो रिकार्डिंग मिली थी। सीबीआई की जांच में पता चला कि महंत नरेंद्र गिरि ने दो वीडियो बनाए थे। दोनों वीडियो सीबीआई ने सुरक्षित कर जांच की। वीडियो और सुसाइड नोट के आधार पर मुख्य आरोपी बने आनंद गिरि को रिमांड पर लेकर पूछताछ की। आनंद गिरि के आईफोन का डेटा रिकवर कराया। इससे कई राज खुले। एक आडियो में आनंद गिरि और वर्तमान अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी की बातचीत रिकार्ड है। जिसमें ब्लैकमेलिंग की बात सामने आई है।
सीबीआई ने छानबीन की तो यह भी पता चला कि महंत नरेंद्र गिरि ने मौत को गले लगाने से पहले वाराणसी में सतुआ बाबा को कॉल किया था। सतुआ बाबा को फोन पर बताया था कि आनंद गिरि ने इलेक्ट्रानिक उपकरणों की मदद से एक आपत्तिजनक वीडियो बनाया है। उस वीडियो में एक महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में उनको दिखाकर ब्लैकमेल कर रहा है। आनंद गिरि ने धमकी दी है कि वह इस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने जा रहा है। उन्होंने महंत सतुआ बाबा( संतोष दास) को बताया था कि आरोपी आनंद गिरि ने प्रयागराज और हरिद्वार के लोगों को इस वीडियो को दिखाकर उन्हें बदनाम कर रहा है। फेक वीडियो के बारे में जानकारी के लिए महंत नरेंद्र गिरि ने अपने शिष्यों से पूछा था कि क्या कंप्यूटर की मदद से दूसरे का चेहरा लगाकर कोई वीडियो बनाया जा सकता है। शिष्य सूरज पांडेय से उन्होंने वीडियो बनाना और उसे डिलीट करना भी सीखा था।

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