दिवाली से पहले मोदी सरकार का बड़ा तोहफा:पहले केंद्र ने पेट्रोल पर 5, डीजल पर 10 रुपए घटाए, फिर NDA शासित 10 राज्यों ने भी वैट में की भारी कटौती
दिवाली से पहले मोदी सरकार का बड़ा तोहफा:पहले केंद्र ने पेट्रोल पर 5, डीजल पर 10 रुपए घटाए, फिर NDA शासित 10 राज्यों ने भी वैट में की भारी कटौती
केंद्र सरकार को 43 हजार करोड़ रुपये का होगा नुकसान
उत्तर प्रदेश में पेट्रोल और डीजल में कुल 12-12 रुपए घटेंगे
पेट्रोल और डीजल के दामों में लगातार कई दिन की बढ़ोतरी से त्रस्त जनता को केंद्र सरकार ने बुधवार को अचानक दिवाली गिफ्ट दे दिया। दिवाली से एक दिन पहले सरकार ने पेट्रोल पर 5 रुपए और डीजल पर 10 रुपए एक्साइज ड्यूटी कम करने का ऐलान किया। नई कीमतें दिवाली के दिन यानी कल से लागू हो जाएंगी।
केंद्र सरकार ने राज्यों से भी वैट कम करने की अपील की। इसके बाद असम ने पेट्रोल-डीजल पर वैट में 7-7 रुपए प्रति लीटर की कटौती करने की घोषणा कर दी। असम की शुरुआत का असर भाजपा नेतृत्व वाले NDA के शासित अन्य राज्यों पर भी दिखाई दिया और देर रात तक कुल 10 राज्यों ने वैट की दरों में कटौती की घोषणा कर दी।
पेट्रोल और डीजल की कीमतें अब तक के उच्चतम स्तर पर हैं। इस कटौती के बाद केंद्र सरकार को बचे हुए वित्त वर्ष करीब 43 हजार करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान होगा।
किस राज्य ने की है वैट में कितनी कटौती
7-7 रुपए पेट्रोल-डीजल पर घटाए हैं असम, गुजरात, कर्नाटक, गोवा, मणिपुर, त्रिपुरा ने
12 रुपए पेट्रोल और 17 रुपए डीजल पर घट जाएंगे इन राज्यों में अब कुल कटौती के बाद
02 रुपए उत्तराखंड ने पेट्रोल पर कम किए हैं, अब राज्य में पेट्रोल कुल 7 रुपए सस्ता होगा
07 रुपए पेट्रोल और 02 रुपए डीजल पर घटाए हैं यूपी ने, कुल 12-12 रुपए घटे दोनों ईंधन
1.30 रुपए पेट्रोल व 1.90 रुपए डीजल पर बिहार में कमी, पेट्रोल अब 6.30 व डीजल 11.90 रुपए सस्ता होगा
हिमाचल ने भी की है पेट्रोल-डीजल पर वैट घटाने की घोषणा, कितनी कमी होगी, इसकी घोषणा जल्द
केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम करने के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने देर रात तक वैट दर में कटौती की घोषणा नहीं की थी। लेकिन इसके बावजूद राज्य में पेट्रोल पर 6.50 रुपए और डीजल पर करीब 12.50 रुपए की कमी आएगी। मध्यप्रदेश पेट्रोल पंप एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने बताया कि बेस प्राइस कम होने से इसका असर पड़ता है। सभी शहरों में वर्तमान में जो दाम हैं, उसके दाम इतने ही कम हो जाएंगे।
उदाहरण के लिए भोपाल में वर्तमान में पेट्रोल के दाम 118.83 रुपए है। कम होने के बाद दाम 112.33 रह जाएगा। वहीं डीजल की कीमत 107.90 रुपए है। कम होने के बाद 95.40 रुपए रह जाएगा
राजस्थान, महाराष्ट्र में बेस प्राइस इफेक्ट का सबसे ज्यादा असर
इसी तरह, बेस प्राइस के चलते दिल्ली में 6.07 रुपए प्रति लीटर और डीजल में 11.16 रुपए प्रति लीटर की कमी दामों में आएगी। बेस प्राइस इफेक्ट का सबसे बड़ा असर राजस्थान और महाराष्ट्र में दिखेगा, जहां सबसे ज्यादा वैट वसूला जाता है। इससे इन राज्यों में वैट कटौती नहीं होने पर भी पेट्रोल पंपों पर डीजल और पेट्रोल के दाम में भारी कटौती होगी।
पिछले साल पेट्रोल पर 65% व डीजल पर 79% बढ़ा एक्साइज
केंद्र सरकार ने पिछले साल कोरोना महामारी के कारण लगे लॉकडाउन से अपनी कमाई घटने पर इसकी पूर्ति पेट्रोल-डीजल से करने की कोशिश की थी। इसके लिए दुनिया में पेट्रोल-डीजल बेहद सस्ता होने के बावजूद मार्च से मई-2020 के बीच केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर 13 रुपए और डीजल पर 16 रुपए एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई थी।
इससे पेट्रोल पर एक्साइज करीब 65% बढ़कर 19.98 रुपए से 32.98 रुपए हो गया था, जबकि डीजल करीब 79% बढ़कर 15.83 रुपए से 28.35 रुपए प्रति लीटर हो गया था। इसकी बदौलत केंद्र सरकार ने इस साल अप्रैल से सितंबर तक पेट्रोल-डीजल की एक्साइज ड्यूटी से 1.71 लाख करोड़ रुपए कमाए, जो कोविड काल से पहले इन्हीं महीनों की कमाई से 70% ज्यादा है।
सरकार को हर महीने 8700 करोड़ का नुकसान
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल अप्रैल से अक्टूबर तक पेट्रोल-डीजल की खपत के डेटा के आधार पर अनुमान है कि केंद्र सरकार को एक्साइज कटौती से हर महीने 8700 करोड़ रुपए प्रति महीने का नुकसान होगा। इंडस्ट्री सोर्स के मुताबिक, इस फाइनेंशियल ईयर के बाकी महीनों में यह नुकसान करीब 43,500 करोड़ रुपए का बैठेगा।











Leave a Reply