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वाणी मन का मीत है,वाणी पुष्प गुलाब।।

वाणी मन का मीत है,वाणी पुष्प गुलाब।।

जीवन में वाणी का महत्व।।

सन्तोष त्रिपाठी संत जी
साहित्यकार

काशी। वाणी मन का मीत है,
वाणी पुष्प गुलाब।
वाणी पर अंकुश लगा, मिले सदा सम्मान।।
वाणी का प्रभाव जीवन पर बहुत गहरा होता है,कड़वी वाणी से हम लोगो से दूर हो जाते,,कुछ की बद दुआ भी ले लेते। उस समय हमें पता नहीं चलता परन्तु कर्म बंधन का खाका तैयार हो जाता है।।

इधर यदि हमारी मीठी वाणी है तो हम लोगो की दिलो पर राज करते है जिससे संबंध,संपर्क समाज में भी हमारा प्रभाव पड़ता है।।

लगभग दो हजार वर्ष पूर्व की बात है,यूनान के बादशाह महाराज ज्ञानेंद्र रोम की यात्रा पर थे,अपने मित्र राजा दिवाकर के घर उनका शाम का भोजन निश्चित हुआ,यूनानी महाराज ने अपने रोमन मित्र से अनुरोध किया था कि वो शाम को उनके भोजन में दुनिया की सबसे मीठी चीज परोसे।।

संध्या का समय आया राजा के महल में भोजन परोसा जा चुका था,महाराज ज्ञानेंद्र भोजन कक्ष में पहुंच चुके थे,उनकी जिज्ञासा थी की दुनिया की सबसे अधिक मीठी वस्तु क्या परोसी गई है।भोजन के आलीशान मेज के बीचोबीच मखमली कपड़े से ढंकी हुई एक प्लेट थी,यह है वह वस्तु जिसकी तुमने फरमाइश की थी,दिवाकर ने प्लेट की तरफ इशारा करते हुए कहा।।

कपड़ा हटाए जाने पर कपड़े से ढंकी वस्तु को देखकर राजा हतप्रभ रह गए।।

वह एक पशु की कटी हुई जुबान थी।

रोमन राजा दिवाकर ने कहा मित्र जुबान की मिठास हृदय और मस्तिष्क को छू जाती है,इससे अधिक मीठी चीज दुनिया में कुछ नहीं है इस कथन से राजा ज्ञानेंद्र पूर्णतया सहमत थे।।

जाते जाते राजा ने अपने मित्र से विशेष अनुरोध किया कि मित्र कल मै आपके घर पर पुनः आ रहा हूं।मुझे ऐसी वस्तु परोसना जी विश्व में सबसे अधिक कड़वी हो।अवश्य मित्र रोमन मेजबान ने कहा।।

अगली संध्या भी आ पहुंची ,वहीं खुशनुमा शानदार माहौल,कतार बद्ध पकवानों से सजी मेज उसके बीच में मखमली कपड़े से ढंकी हुई वह प्लेट।

उत्सुकता वश कपड़े को हटाया तो आश्चर्य चकित रह गए फिर एक जुबान को देख कर,यह क्या मेहमान सम्राट ने पूछा,मेजबान मित्र ने कहा हा मित्र विश्व कि सबसे कड़वी भी यही है और विश्व की सबसे मीठी वस्तु भी यही है, इसका उपयोग अत्यंत सावधानी से करना चाहिए।

इस वार्तालाप से हम समझ गए कि वाणी एक फूल है वाणी एक पत्थर है।वाणी से किसी को जोड़ भी सकते है तोड़ भी सकते है।वाणी ही अग्नि बन सकती है वाणी जल भी बन सकती है।

इसका उपयोग अत्यंत सावधानी से करना चाहिए।।

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