वाराणसी: नकली गहनों के फर्जी शुद्धता प्रमाण पत्र पर लिए बैंक से गोल्ड लोन, 10 आरोपी गिरफ्तार
नकली गहनों के फर्जी शुद्धता प्रमाण पत्र बनवा कर केनरा बैंक से करीब 85 लाख रुपये लोन (गोल्ड लोन) लेने के मामले में पुलिस ने 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में तीन महिलाएं भी शामिल हैं। एक आरोपी पहले ही कोर्ट में समर्पण कर चुका है। रविवार को मंडुवाडीह थाने में एडीसीपी वरूणा जोन प्रबल प्रताप सिंह ने आरोपियों को मीडिया के सामने पेश किया। उन्होंने बताया की मुख्य आरोपी रविंद्र सेठ, प्रतीक रस्तोगी व विजय प्रताप है।उन्होंने बताया की मुख्य आरोपी स्वर्ण मूल्यांकनकर्ता रविंद्र सेठ, प्रतीक रस्तोगी व विजय प्रताप हैं। इन लोगों ने बैंक को गुमराह करते हुए एक दर्जन लोगों के गोल्ड लोन के लिए फर्जी प्रमाण पत्र जारी किया, जबकि सभी आभूषण नकली थे। तीनों ने फर्जी तरीके से लोगों को लालच देकर एकाउंट नंबर व आधार कार्ड लेकर केनरा बैंक की तीन शाखाओं से दो से तीन महीने में नकली सोना गिरवी रखकर लगभग 85 लाख रुपए निकाल लिए। इसकी जानकारी बैंक को तब हुई जब उनका सुपर वैल्युएबल आया और सोने की जांच की।जांच में पता चला की सभी गिरवी रखे गए सोने नकली है। नकली सोना की जानकारी होते ही बैंक के अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। उन्होंने मंडुवाडीह थाने में दो मुकदमे दर्ज करवाए। एक मुकदमा कैंट में दर्ज करवाया गया। पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी थी।












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