गायन्ति देवाः किल गीतकानि धन्यास्तु ते भारतभूमिभागे।
स्वर्गापवर्गास्पदमार्गभूते भवन्ति भूयः पुरुषाः सुरत्वात्।।
देवगण भी निरंतर यही गान करते हैं कि – जिन्होंने स्वर्ग और अपवर्ग के मार्गभूत भारत वर्ष में जन्म लिया है,वे पुरुष हम देवताओं की अपेक्षा भी अधिक धन्य (बड़भागी) हैं।
आप सभी को स्वतंत्रता दिवस की बहुत सारी शुभकामनाएं।
आचार्य धीरज द्विवेदी “याज्ञिक”












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