गंगा व टोस नदी ने कहर ढहाया करछना तरहार में।
भारतीय किसान कल्याण संघ ने बाढ़ से पीड़ित किसानों पर जताई चिंता।।
करछना।आज चार दिन से वाल्मीक आश्रम तरहार के ग्राम बबुरा, लकटहा , तलिया,खजुरोल,गड़ेला, सेमरहा , डीहा आदि गाव टोस नदी व गंगा के जल स्तर बढ़ने के कारण जल में समाहित हो गए है। तरहार से निकलने का लकताहा से बसही सड़क पानी से पूरी तरह डूब चुकी है। निकलने के सभी रास्ते बंद हो चुके है यहां के गरीबों का हाल बहुत बुरा है, जो लोग रोज कमाते रोज खाते वो घर से निकल नहीं पा रहे है, कई लोग तो अपने छत पर ही गुजारा कर रहे है, कुछ लोग गांव छोड़ चुके है,।
इस महामारी में जहा घर चलाना मुश्किल है वहीं घरों को जल में प्रलय हो जाने से लोगो के दिल पर क्या बीत रही है,हर साल एक एक कोड़ी जोड़कर घर बनाने का साहस फिर हर साल घरों को डूबने का दुख अवर्णनीय है।
जहा सरकार खोखले दावे करती है वहीं अन्य राजनीतिक दल भी सुध नहीं लेते, किसानों की हजारों एकड़ खेत बर्बाद हो गए, ऐसे ही खेती की लागत जादा पैदावार कम होती है,वो भी जो हो वो काल के गाल में समा जाए तो किसान सिर्फ आत्म हत्या को मजबुर होगा।
इसी दशा में भारतीय किसान कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष संतोष त्रिपाठी संत जी ने चिंता जताते हुए किसानों कि मदद के लिए सरकार प्रशासन से गुहार लगाई है।सभी किसानों का आज बात कर साहस बंधाया है ।संघ इस पर असहाय किसानों कि मदद का विश्वास दिया है।












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