प्रयागराजःबाढ़ प्रभावित इलाकों में अब सिर्फ सरकारी नावें ही चलेंगी
घर में रखा कीमती सामान चोरी हो जाने के डर की वजह से तमाम लोग राहत कैम्पों या किसी दूसरी सुरक्षित जगह पर जाने के बजाय टापू बन चुके घर की छत पर ही डेरा जमाने को मजबूर हैं।चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन ने अब प्राइवेट नावों के चलने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है। प्रयागराज रेंज के आईजी कवीन्द्र प्रताप सिंह के मुताबिक़ लोग प्राइवेट नावों से मकानों में घुसकर चोरी न कर सकें, इसीलिये इस पर पाबंदी लगाई गई है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में अब सिर्फ सरकारी नावें ही चलेंगी।सरकारी नावों से ही राहत व बचाव का काम किया जाएगा।
राहत और बचाव के काम में एसडीआरएफ व एनडीआरएफ की टीमों के साथ ही दो सौ से ज़्यादा नावों को लगाया गया है। कई बाढ़ राहत केंद्र खोले गए हैं। सरकारी अमला भी लगातार निगरानी करते हुए हालात पर नज़र बनाए हुआ है। हालांकि सुविधाएं सिर्फ प्रमुख जगहों तक ही पहुंच पा रही हैं। दूर दराज के इलाकों-गलियों व ग्रामीण इलाकों में लोग परेशान हैं।इन तक न तो खाने के पैकेट पहुंच पा रहे हैं और न ही कोई दूसरे सामान, प्रशासन के दावे फाइलों में ज़्यादा और हकीकत में कम नज़र आ रहे हैं।एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीमें ज़रूर देवदूत बनकर लोगों की ज़िंदगियां बचा रही हैं।उन तक मदद पहुंचा रही हैं।











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