वाराणसी मे जाम से मिलेगी मुक्ति: सेतु निगम ने सरकार को भेजा प्रस्ताव, वाराणसी के प्रमुख चौराहों पर बनेंगे फ्लाईओवर
वाराणसी शहर को जाम मुक्त बनाने के लिए प्रमुख चौराहों पर छोटे फ्लाईओवर का निर्माण हेतु सेतु निगम ने प्रस्ताव भेजा है। परीक्षण के बाद जल्द ही शासन से हरी झंडी मिलेगी। इसके बाद डिजाइन का काम शुरू होगा। खास बात यह है कि जहां सड़कों की चौड़ाई अधिक है वहीं पर इसका निर्माण होगा। संकरे इलाकों में छोटे फ्लाईओवर का निर्माण नहीं होगा। इसकी लंबाई जरूरत के अनुसार होगी। तकरीबन 300 मीटर के आसपास प्रमुख चौराहों पर इसका निर्माण कराने से किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी।
शहर में आए दिन जाम की समस्या रहती है। चौराहों पर घंटों जाम लगता है। व्यवस्थाएं करने के बाद भी जाम से निपटने के लिए फूल प्रूफ प्लान नहीं बन पाया है। इंजीनियरों का मानना है कि छोटे फ्लाईओवर का निर्माण होने से आमने सामने की सड़क पर चौराहों के ऊपर से वाहन निकल जाएंगे। नीचे से दूसरी ओर से आमने सामने की सड़क से वाहन चलते रहेंगे। ऐसी स्थिति में बार बार सड़कों को क्रॉस करने के लिए दोनों तरफ के रास्तों को बंद करने की नौबत नहीं आएगी।सेतु निगम के महाप्रबंधक दीपक गोविल ने बताया कि पूर्व में सेतु निगम की ओर से फ्लाईओवर से जुड़े प्रपोजल शासन मे गए हैं हरी झंडी मिलने के बाद काम शुरू होगा। शासन का जोर चल रही परियोजनाओं को पूरा करने पर है। इनके पूरा होने के बाद नई परियोजनाओं पर काम होगा।
बनाने में नहीं होगी परेशानी
सेतु निगम के इंजीनियर एस गुप्ता ने बताया कि वाराणसी जैसे शहर में काम के दौरान यूलिलिटी शिफ्टिंग, जमीन अधिग्रहण और यातायात प्रबंधन में दिक्कत आती है। जिन स्थानों पर सड़कें चौड़ी हैं, वहां पर निर्माण में दिक्कत नहीं आएगी। लेकिन जिन स्थानों पर जगह कम है वहां निर्माण में परेशानी होगी। जो प्रस्ताव वाराणसी से भेजा गया था उसका डिजाइन बनाने में तकरीबन डेढ़ करोड़ रुपये खर्च होंगे। धनराशि मिलने के बाद डिजाइन बनेगा और निर्माण शुरू होगा।
यातायात सर्वे में भी दिया गया था जोर
पिछले दिनों बेहतर यातायात के लिए सर्वे हुआ था। उस दौरान भी यह बात उठी थी कि जिन चौराहों की चौड़ाई अधिक है वहां पर छोटे फ्लाईओवर से जाम की समस्या के समाधान पर जोर दिया गया था। मलदहिया, लहुराबीर, पुलिस लाइन, रवींद्रपुरी, विजया, सुंदरपुर आदि ऐसे इलाकों के बारे में बताया गया था, जहां सड़कों की चौड़ाई अधिक है। इन चौराहों पर छोटे फ्लाईओवर के निर्माण से यातायात समस्या का समाधान हो जाएगा।











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