DoodhSagar दूधसागर जलप्रपात भगवान महावीर और मुल्लेम राष्ट्रीय उद्यान के बीच है कर्नाटक और गोवा राज्यों के बीच सीमा रेखा का काम करता है
दूधसागर जलप्रपात का मतलब ही दूध का सागर। एक चार स्तरों वाला एक जलप्रपात हैं जो भारतीय राज्य कर्नाटक और गोवा की सीमा पर स्थित हैं। यह सड़क मार्ग से पणजी से 60 किलोमीटर दूर और मडगांव-बेलगाम रेल मार्ग पर मडगांव से 46 किमी पूर्व में और बेलगाम से 80 किमी दक्षिण मडगांव-बेलगाम में है। दूधसागर जलप्रपात भारत के सबसे ऊंचे झरनों में से एक हैं इसकी ऊंचाई 310 मीटर (1017 फुट) और औसत चौड़ाई 30 मीटर (100 फुट) के बीच है🙄]
दूधसागर जलप्रपात अवस्थिति कर्नाटक स्टेट एंड गोवा स्टेट बॉर्डर इंडियानिर्देशांक15°18′46″N 74°18′51″E / 15.31277°N 74.31416°Eप्रकारत्येरेडकुल ऊंचाई310 metres (1017 feet)प्रपातों की संख्या5औसत चौड़ाई30 metres (100 feet)जलमार्गमंडोवी रिवर यह जलप्रपात पश्चिमी घाट के फॉल्स भगवान महावीर अभयारण्य और मोल्लेम राष्ट्रीय उद्यान के बीच स्थित है। यह झरना कर्नाटक और गोवा राज्यों के बीच सीमा रेखा का काम करता है। पर्णपाती जंगलों से घिरा हुआ यह जलप्रपात एक समृद्ध जैव विविधता से भरा हुआ है। यदयपि गर्मी के मौसम मे, यह जलप्रपात बहुत ही सूखा दिखता हैं लेकिन मानसून के मौसम में जब इसमें पानी की अधिकता हो जाती हैं तब यह काफी भव्य व सुंदर दिखता हैं।
DoodhSagar फॉल्स तक जाने के रास्ते दूधसागर
इस झरने तक जाने का सबसे निकटम रेलवे स्टेशन कैसल रॉक स्टेशन जहां पर सड़क मार्ग से पहुंच सकते हैं।यात्री यहाँ से ट्रेन से दूधसागर स्टॉप पर जा सकते हैं। यहाँ दूधसागर रेल स्टॉप एक स्टेशन नहीं हैं जहा यात्रीगण प्लेटफार्म की उम्मीद करते हैं। यात्रियों और पर्यटकों को एक खड़ी सीढ़ी पर चढ़ाई कर रेल के डिब्बे तक पहुंचना पड़ता है। जहां इसका 1-२ मिनट के अनिर्धारित स्टॉप होता हैं। अभी हाल में भारतीय रेलवे ने दुध्सागर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के चढ़ने/उतरने पर प्रतिबन्ध लगा दिया है
इस झरने के आस पास न तो शुद्ध पेयजल की न ही साफ़ शौचालय की व्यवस्था हैं। इस लोकेशन पर मोबाइल के सिगनल भी नहीं पकड़ में आते।
दूधसागर झरने तक पहुँचने का एक मार्ग भगवान महावीर वन्यजीव अभयारण्य के टैक्सी मार्ग जाता हैं इस रास्ते से जाने का एकमात्र रास्ता हरे भरे जंगल और कलकल बह रही नदियों से जाता हैं। जो काफी मनमोहक होते हैं। वर्तमान में यही मार्ग झरने तक पहुँचने के एकमात्र रास्ता है।
यहाँ पर रुकने के भी कई जगह उपलब्ध है दूध सागर ईको एवं वाइल्ड लाइफ रिसोर्ट (अजुसका रिट्रीट) जिनमे सबसे प्रसिद्द हैं, जो इसी झरने के पास हैं। जो लोग पक्षीं के विभिन्न प्रजाति देखने में रूचि रखते है उनके लिए यह जगह स्वर्ग है। इसके अलावा यहाँ के जंगलों में आपको कई तरह के पशु पक्षी देखने को मिल जायेंगे।











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