किसानों के लिए अच्छी खबर औषधीय खेती से आमदनी तो बढ़ेगी ही जीवन में खुशहाली भी आएगी
प्रयागराज, कोरोना काल में देशी औषधियों की भी मांग खूब बढ़ी। अपने शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए लोगों ने इसे दैनिक जीवन में अपना लिया है। कोरोना संक्रमण तो कम है लेकिन अभी अधिकांश लोग देशी औषधियों का सेवन कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर औषधी खेती के प्रति किसानों का भी रुझान हुआ है। कई किसान औषधीय खेती भी करने लगे हैं।प्रयागराज के यमुनापार में करछना क्षेत्र के कई गांवों में औषधीय खेती कर किसान कृषि के क्षेत्र में मिसाल पेश कर दिए हैैं। इससे खुशहाल भी हो रहे हैैं। क्षेत्र के रामगढ़, कबरा, रवनिका, रामपुर, बरदहा, भुंडा, कचरी, मझुआ समेत कई गांवों में किसान औषधीय खेती करना शुरू कर दिए हैं। इन गांवों के किसानों ने गेहूं, धान, मक्का, बाजरा जैसी पारंपरिक फसलों से अतिरिक्त अपनी आय को बढ़ाने के लिए नए आजीविका विकल्पों की तलाश की। यहां काफी संख्या में किसान अश्वगंधा, ईसबगोल, मेथी, हल्दी, गिलोय, तुलसी, सफेद मूसली की खेती शुरू कर दी हैैं। इसके लिए इन्हें बाजार की भी दिक्कत नहीं है। खेतों से ही ये औषधियां बिक जा रही हैैं।











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