आद्य पत्रकार देवर्षि नारद जी की जयंती भूमंडलीय विश्व पत्रकारिता दिवस के रुप में कोविड-19 के अनुपालन से वर्चुअल परिचर्चा कर मनाया
25 पत्रकारों को दिया गया देवर्षि पत्रकारिता सम्मान
भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ प्रयागराज के तत्वावधान में पत्रकारों, साहित्यकारों, कवियों और लेखकों ने आद्य पत्रकार देवर्षि नारद जी की जयंती जेष्ठ कृष्ण द्वितीय को धरती पर भूमंडलीय विश्व पत्रकारिता दिवस के रूप मे मनाया जाता है उसी परिपेक्ष में महासंघ के कार्यालय पत्रकार भवन सिविल लाइंस प्रयागराज से कोविड़19 के अनुपालन में वर्चुअल परिचर्चा कर मनाया गया जिसकी अध्यक्षता श्री मुनेश्वर मिस्र व संचालन श्री डॉक्टर भगवान प्रसाद उपाध्याय ने किया संयोजन राष्ट्रीय महासचिव श्री श्याम सुंदर सिंह पटेल ने किया इस अवसर पर देवर्षि नारद जी व मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलन व गायत्री महामंत्र ,सरस्वती वंदना से शुरू हुआ
इस अवसर पर 25 पत्रकारों को देवर्षि पत्रकारिता सम्मान भी प्रदान किया गया तत्पश्चात विषय प्रवर्तन करते हुए राष्ट्रीय महासचिव श्याम सुंदर सिंह पटेल ने कहा यह बड़े सौभाग्य का विषय है कि यदि हमें पत्रकार का नाम मिला है तो वह देवर्षि नारद जी की देन है हम उनकी वंदना करते हुए आप सभी का स्वागत करते हैं आप सभी को ज्ञात है कि ईश्वरीय सत्ता में देवर्षि नारद जी का आद्य पत्रकार के रूप में बड़ा स्थान व सम्मान रहा है उनका प्राकट्य जेष्ठ मास के कृष्ण पक्ष द्वितीय माना जाता है इसलिए धरती में उनका जन्मोत्सव आद्य पत्रकार के रूप में विश्व पत्रकारिता दिवस मानकर मनाया जाता है जो पत्रकारिता जगत में प्रथम प्रेरणा स्रोत है कहा भी जाता है कि नारद जी खबर लाए हैं जिन्हें पत्रकारिता के जनक के रूप में माना जाता है जो सेवा भाव से एक संदेश वाहक की तरह ईश्वरी सत्ता में पूरे ब्रह्मांड जगत में घूम घूम कर करते रहे हैं आज हम उनके जन्मदिन के अवसर पर उनके आदर्शो पर चलने का संकल्प लेते हैं तथा पत्रकारिता के कार्य में सेवा, सुचिता, सत्यता ,समता ,समर्पण पारदर्शिता के साथ मिशन मानकर कार्य करना चाहिए यही उनके जन्मदिन मनाने की सार्थकता होगी
अध्यक्षता कर रहे श्री मुनेश्वर मिश्र ने कहा हमें देवर्षि नारदजी से सीख लेनी चाहिए और इस भौतिकता वादी दौड़ के चकाचौंध से बचकर खबरों की विश्वसनीयता बनाए रखना होगा व अपनी भारतीय संस्कृति सभ्यताओं मान्यताओं परंपराओं को केंद्र बिंदु मानकर कार्य करना चाहिए तथा नैतिक जीवन मूल्यों की रक्षा के लिए स्पष्ट ,निर्भीक, निष्पक्ष व स्वतंत्र पत्रकारिता पर जोर देना चाहिए यही उनके जीवन आदर्शों को आत्मसात करना ही उनकी जयंती है हालांकि इस बदलते परिवेश में पत्रकारिता एक कठिन कार्य हो गया है लेकिन फिर भी हिम्मत से काम करते हुए तथा उनके आदर्शों पर चलकर ही हम सफलता पा सकते हैं
डॉक्टर भगवान प्रसाद उपाध्याय ने उक्त से मिली जुली बातें कहीं, इसी प्रकार अन्य वक्ताओं ने भी अपने अपने विचार रखे व कुछ अपनी रचनाएं पढ़ी तथा यह संकल्प लिया कि पत्रकारिता के जनक देवर्षि नारद जी के आदर्शों पर चलेंगे चाहे जितने संकट आए इस अवसर पर भाग लेने वालों में प्रमुख रुप से श्री मुनेश्वर मिश्र, डॉक्टर भगवान प्रसाद उपाध्याय, श्याम सुंदर सिंह पटेल ,जगदंबा प्रसाद शुक्ल, , राम नाथ त्रिपाठी ,प्रदीप गुप्ता ,विद्या कांत मिश्र, धर्मेंद्र श्रीवास्तव, अखिलेश मिश्रा, शिव शंकर पांडे मथुरा प्रसाद धूरिया ,आलोक त्रिपाठी, राजेंद्र सिंह, सच्चिदानंद मिश्र, कुलदीप शुक्ला, डॉ राम लखन चौरसिया, शिवा शंकर पान्डेय जी आदि कई लोग वर्चुअल पर चर्चा में शामिल हुए अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉक्टर भगवान प्रसाद उपाध्याय जी करते हुए कहा कि आप सब लोगों ने इस कठिन परिस्थिति में भी वर्चुअल परिचर्चा करके संस्था की परंपराओं को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं जो सब बधाई के पात्र हैं
श्याम सुंदर सिंह पटेल
राष्ट्रीय महासचिव एवं मीडिया प्रभारी
भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ प्रयागराज











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