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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने विदेश से कच्चे माल मंगवाकर शुरू कराया रेमडेसिविर का उत्पादन।

कोविड 19 मरीजों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली रेमडेसिविर इंजेक्शन की भारी कमी को देख केंद्रीय मंत्री

अमरीकी दवा कंपनी गिलीड के पास रेमडेसिवीर का पेटेंट है, जिसने भारत की सात कंपनियों को लाइसेंस दिया है। इसमें से एक हेट्रो फार्मा के साथ गडकरी ने वर्धा की जेनेटिक लाइफ साइंसेस का एग्रीमेंट कराया। खास बात है कि रेमडेसिविर के निर्माण के लिए आवश्यक रॉ मटेरियल विदेश से आता है। काफी प्रयास के बाद विदेश से कच्चा माल मंगाने में केंद्रीय मंत्री गडकरी की टीम सफल हुई। 

केंद्रीय मंत्री गडकरी के कार्यालय ने आईएएनएस को बताया कि सारी टेस्टिंग सफल होने के बाद गुरुवार से वर्धा में रेमडेसिविर का उत्पादन शुरू हुआ है। रविवार तक रेमडेसिविर इंजेक्शन के एक लाख वायल लोगों को मिलेंगे। फिलहाल, रोज तीस हजार रेमडेसिवीर का उत्पादन होगा। अगर प्लास्टिक की बोतल में पैकेजिंग की अनुमति मिली तो उत्पादन रोज दो लाख तक बढ़ सकता है। इससे नागपुर और विदर्भ के साथ महाराष्ट्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

गडकरी ने महाराष्ट्र के वर्धा में उत्पादन शुरू करवा दिया है। महाराष्ट्र की जनता से किए वादे को उन्होंने गुरुवार को पूरा किया। इंजेक्शन का उत्पादन देखने के लिए खुद केंद्रीय मंत्री गडकरी वर्धा के जेनेटीक लाइफ साइंसेज की फैक्ट्री पहुंचे। वर्धा में जेनेटीक लाइफ साइंसेस के इस कारखाने से रोज 30 हजार रेमडेसवीर का उत्पादन होगा। अगर प्लास्टिक की बोतल में पैकेजिंग की अनुमति मिली तो उत्पादन रोज दो लाख तक बढ़ सकता है।

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