असंभव है विश्वास करना, समाज के कोहिनूर-शिक्षा क्रान्ति दूत प्रिय छोटे भाई रामवीर तंवर (लाइब्रेरी मैन) अब हमारे बीच नहीं रहे !!
ह्रदय गति रूक जाने से देर रात उनका फोर्टिस अस्पताल नोएडा मे निधन हो गया, बेहद दुखद समय है यह हम सबके लिए । हजारों बच्चों के जीवन मे शिक्षा का उजियारा फैलाकर आप छोटी सी उम्र मे बड़ी सोच के साथ “ग्राम पुस्तकालय” का असाधारण मिशन तय कर समाज को एक नई दिशा देने का साहसिक कार्य कर रहे थे। आपकी सोच आपके विचारों को नमन-वन्दन करते हुए आपको आखिरी प्रणाम 🌹🙏🙏🌹
हरिओम शान्ति शान्ति!!
असंभव है विश्वास करना… शिक्षा क्रान्ति के दूत ‘लाइब्रेरी मैन’ रामवीर तंवर नहीं रहे
नोएडा।
समाज के कोहिनूर और शिक्षा क्रान्ति के प्रेरक, ‘लाइब्रेरी मैन’ के नाम से प्रसिद्ध रामवीर तंवर के आकस्मिक निधन की खबर ने पूरे समाज को स्तब्ध कर दिया है। देर रात हृदय गति रुक जाने के कारण नोएडा स्थित फोर्टिस अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके असमय निधन से शिक्षा, समाजसेवा और युवाओं के प्रेरणा-स्रोत के रूप में काम करने वाले एक युग का अचानक अंत हो गया है।
रामवीर तंवर ने बेहद कम उम्र में ही बड़ी सोच और मजबूत संकल्प के साथ “ग्राम पुस्तकालय” जैसी असाधारण मुहिम को जन्म दिया। उनका सपना था कि गांव का हर बच्चा किताबों से जुड़े, ज्ञान की रोशनी पाए और शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाए। इसी सपने को साकार करने के लिए उन्होंने हजारों बच्चों के जीवन में शिक्षा का उजियारा फैलाया और समाज को नई दिशा देने का साहसिक कार्य किया।
वे केवल एक समाजसेवी नहीं, बल्कि उन बच्चों के लिए आशा थे, जिनके पास संसाधन नहीं थे लेकिन सपने बड़े थे। पुस्तकों के माध्यम से उन्होंने यह साबित किया कि बदलाव की शुरुआत छोटे प्रयासों से भी हो सकती है, बस नीयत और निष्ठा सच्ची होनी चाहिए।
उनके निधन से न केवल परिवार और मित्र, बल्कि वे हजारों बच्चे भी शोक में डूबे हैं, जिनके भविष्य की नींव उन्होंने अपने प्रयासों से मजबूत की। समाज के हर वर्ग से उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है।
रामवीर तंवर की सोच, उनके विचार और शिक्षा के प्रति उनका जुनून हमेशा लोगों को प्रेरित करता रहेगा।
उनके विचारों को नमन-वंदन करते हुए, उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि।
हरिओम… शांति शांति।








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