जैसे ही वरमाला का कार्यक्रम पूरा हुआ तो दूल्हे ने दुल्हन के कदमों में अपना सर झुका दिया
” यह देख सभी हंसने लगे”
दूल्हे ने जवाब दिया
- मेरी वंश को यही आगे बढ़ाएगी
- मेरे घर की लक्ष्मी कह लाएगी
- मेरी मां बाप की इज्जत करेगी और उनकी सेवा करेगी
- मुझे पिता जैसी खुशी प्राप्त करवाएगी
- प्रसव के समय मौत को मेरे बच्चे के लिए मौत को छूकर आएगी
- इसी से मेरे घर की नींव है
- इसके व्यवहार से ही समाज में मेरी पहचान बनेगी
- अपने मां-बाप को छोड़ कर यह मेरे लिए मेरे पीछे आई है
- अपनों से नाता तोड़ कर उसने मुझ से नाता जोड़ा है
तो क्या हम थोड़ा सा सम्मान भी नहीं दे सकते क्या इन महिलाओं के कदमों में सर झुकाना हास्य है तो मुझे जमाने की पजैसे ही वरमाला का कार्यक्रम पूरा हुआ तो दूल्हे ने दुल्हन के कदमों में अपना सर झुका दिया - ” यह देख सभी हंसने लगे”
- दूल्हे ने जवाब दिया
- 1. मेरी वंश को यही आगे बढ़ाएगी
- 2. मेरे घर की लक्ष्मी कह लाएगी
- 3. मेरी मां बाप की इज्जत करेगी और उनकी सेवा करेगी
- 4. मुझे पिता जैसी खुशी प्राप्त करवाएगी
- 5. प्रसव के समय मौत को मेरे बच्चे के लिए मौत को छूकर आएगी
- 6. इसी से मेरे घर की नींव है
- 7. इसके व्यवहार से ही समाज में मेरी पहचान बनेगी
- 8. अपने मां-बाप को छोड़ कर यह मेरे लिए मेरे पीछे आई है
- 9. अपनों से नाता तोड़ कर उसने मुझ से नाता जोड़ा है
- तो क्या हम थोड़ा सा सम्मान भी नहीं दे सकते क्या इन महिलाओं के कदमों में सर झुकाना हास्य है तो मुझे जमाने की परवाह नहीं,।।






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