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पुण्य कमा रहे हैं अमेरिका इंग्लैंड और न्यूजीलैंड से माघ

पुण्य कमा रहे हैं अमेरिका इंग्लैंड और न्यूजीलैंड से माघ मेले में आए बैंकर
प्रयागराज संगम की रेती पर संतो भक्तों कल्प वासियों की सेवा कर पुण्य कमाने के लिए सात समंदर पार से अमेरिका इंग्लैंड समेत कई देशों से सेवादार पहुंच गए। वह भारत के अतिथि देवो भव की परंपरा को आत्मसात करने के साथ ही सनातनी सांस्कृतिक मूल्य अपना रहे है ।इसमें विदेशी पुरुषों के साथ महिलाएं भी पुड़िया परोस कर खुद माघ मेले में सेवा के जरिए खुद को धन्य बना रही। इसी के साथ दो दिन बाद पौष पूर्णिमा से आरंभ होने वाला महीने भर के जप तप ध्यान के लिए कल्प वासी पहुंचने लगे । ट्रैक्टर ट्राली और अन्य वाहनों से पुआल और गृहस्ती के सामानों के साथ सैकड़ों कल्पवासी शिविरों में पहुंच गए ।माघ मेले में संतो भक्तों के सबसे बड़े समागम की अनोखी झलक इन दिनों सेक्टर दो स्थित ओम वाहे गिरी ऋषि आश्रम के शिविर में देखी गई। अपर संगम मार्ग पर स्थित इस शिविर के अन्न क्षेत्र में दिन के 11:00 से शाम 6:00 बजे तक संतों और भक्तों की लंबी कतारें प्रसाद के लिए लग रही ।खास बात यह है कि इस क्षेत्र में संतो भक्तों को सेवा करने वाले 2 दर्जन से अधिक विदेशी n.r.i. शामिल है। न्यूजीलैंड में अपना एफएम चैनल चलाने वाले माइक्रोनी भी वाहेगुरु के शिविर में संतों की सेवा में जुटेपड़े हैं। लाकडाउन के पहले भारत आ गए थे और तब से बाबा के आश्रम में राष्ट्र सेवा भाव सीख रहे हैं ।अब माघ मेले में आतिथ्य सत्कार सत्कार के लिए पहुंच गए । इसी तरह अमेरिका में 3 रेस्टोरेंट के मालिक भी लंबी कतारों में प्रसाद के लिए लेने वाले संतो के लिए थालियां पहुंचाने और पानी पहुचाने मे जुटे है। इसी तरह इस शिविर में क्रिस्टोना भी पूड़िया परोस रही है। सात समंदर पार से आए सेवादारों के खूबी यह है कि वह अपना नाम तक उजागर नहीं होने देती। उनका कहना है कि वह निस्वार्थ भाव से माघ मेले में महीने भर खामोशी से सेवा कर रहीं हैं।

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