📰 बीजेपी केंद्रीय कार्यालय में मैथिली अस्मिता की गूंज, नवनियुक्त राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्री नितिन नवीन जी का सम्मान
नई दिल्ली | Jan Media TV
भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्री नितिन नवीन जी को आज बीजेपी केंद्रीय कार्यालय, नई दिल्ली में
अंतर्राष्ट्रीय मैथिली परिषद के अध्यक्ष शैलेन्द्र मिश्रा जी ने अपनी टीम के साथ बिहार, पूर्वांचल एवं मिथिला की ओर से पाग, दुपट्टा एवं फूलों का बुके भेंट कर सम्मानित किया एवं हार्दिक बधाई दी।
इस अवसर पर संगठन विस्तार, मिथिला संस्कृति और मैथिली भाषा के संरक्षण को लेकर गहन विचार-विमर्श हुआ। साथ ही मैथिली अकादमी को लेकर उत्पन्न गंभीर स्थिति पर ध्यान आकृष्ट कराते हुए एक ज्ञापन भी सौंपा गया।
📚 मैथिली संस्थान और साहित्यिक धरोहर का गौरवशाली इतिहास
ज्ञापन में बताया गया कि मैथिली साहित्य, संस्कृति, इतिहास और परंपरा पर शोध हेतु मैथिली संस्थान की स्थापना वर्ष 1969 में पटना (बिहार) में की गई थी।
इस संस्थान के अंतर्गत प्रकाशित शोध पत्रिका ‘मिथिला भारती’ के 1969 से 1977 के बीच कुल पाँच अंक प्रकाशित हुए, जिनमें मिथिला के अनेक विद्वानों का अमूल्य योगदान रहा।
प्रमुख विद्वानों में शामिल थे:
- कुमार शुभेश्वर सिंह
- जस्टिस सुशील कुमार झा
- पत्रकार आर. एन. चौधरी (सुकन बाबू)
- प्रो. उपेन्द्र ठाकुर
- प्रो. जे. सी. झा
- लक्ष्मण पति सिंह
इन विद्वानों के निधन के बाद संस्थान की गतिविधियाँ शिथिल हो गईं और कार्य सीमित रह गया।
🌍 ‘मिथिला भारती’ पत्रिका को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान
वर्ष 2014 में प्रो. (डॉ.) हेतुकुमार झा एवं प्रो. (डॉ.) रत्नेश्वर मिश्र के निर्देशन में
तथा शिव कुमार मिश्र एवं भैरव लाल दास के सानिध्य में
‘मिथिला भारती’ पत्रिका का पुनः प्रकाशन प्रारंभ हुआ।
इस पत्रिका में मैथिली और अंग्रेजी भाषा में शोध आलेख प्रकाशित होते हैं।
यह पत्रिका आज UGC-CARE List में शामिल है और दिसंबर 2024 तक इसके 11 अंक प्रकाशित हो चुके हैं।
देश-विदेश के विद्वान इसमें सक्रिय सहयोग दे रहे हैं, जिससे मैथिली संस्कृति का वैश्विक स्तर पर प्रचार-प्रसार हो रहा है।
⚠️ वर्तमान संकट और गंभीर आरोप
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि
बिहार सरकार के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मैथिली अकादमी को बंद करने की कथित साजिश की जा रही है, जिससे विद्वान समाज में गहरी चिंता व्याप्त है।
📢 प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से की गई प्रमुख मांगें
अंतर्राष्ट्रीय मैथिली परिषद के अध्यक्ष शैलेन्द्र मिश्रा जी ने
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और गृह मंत्री अमित शाह से निम्न मांगें की हैं:
- 📌 मैथिली अकादमी, पटना को पुनः चालू किया जाए
- 📌 मिथिला और मैथिली भाषा को जीवंत रखा जाए
- 📌 मैथिली-भोजपुरी अकादमी, दिल्ली में उपाध्यक्ष पद पर शैलेन्द्र मिश्रा जी की नियुक्ति की जाए
- 📌 इससे देश-विदेश में मैथिली भाषा का प्रचार-प्रसार और नए रोजगार के अवसरों का सृजन संभव हो सके
✍️ संस्कृति संरक्षण की दिशा में अहम पहल
इस मुलाकात को मैथिली भाषा, साहित्य और सांस्कृतिक अस्मिता के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
विद्वानों और सामाजिक संगठनों को आशा है कि केंद्र और राज्य सरकार इस विषय पर सकारात्मक एवं ठोस निर्णय लेगी।
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