National Ramayana Fair, Prayagraj: Flag Bearer of Sanatan Dharma
प्रयागराज की पुण्यभूमि पर सनातन संस्कृति और श्रीराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय रामायण मेला समिति के तत्वावधान में आयोजित होने वाला प्रतिवर्ष चतुर्दिवसीय राष्ट्रीय रामायण मेला इस वर्ष भी अत्यंत भव्य एवं दिव्य स्वरूप में आयोजित किया जा रहा है। इस पावन आयोजन का शुभारम्भ 31 दिसम्बर 2025 को मोक्षदायिनी माँ गंगा के विधिविधान पूजन एवं गंगा आरती के साथ किया गया, जिसने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत कर दिया।
दिनांक 7 जनवरी 2026 से 9 जनवरी 2026 तक यह राष्ट्रीय रामायण मेला, श्री रामलीला कमेटी, कटरा, प्रयागराज के विशाल एवं पावन प्रांगण में आयोजित होगा। मेला का मंगलमय उद्घाटन 7 जनवरी 2026 को अपरान्ह 12 बजे जगद्गुरु स्वामी श्री शंकराचार्य वासुदेवानन्द सरस्वती जी महाराज के शुभाशीर्वचन एवं आशीर्वाद से सम्पन्न होगा। उद्घाटन दिवस पर समिति द्वारा आयोजित सांस्कृतिक प्रतियोगिता में प्रयागराज के युवा एवं छात्र-छात्राएँ अपने आध्यात्मिक भजनों, रामभक्ति गीतों तथा श्रीरामचरितमानस पर आधारित लघु नृत्य-नाटिकाओं की मनमोहक प्रस्तुतियों से सम्पूर्ण वातावरण को राममय बना देंगे। इन प्रस्तुतियों का मूल्यांकन प्रयागराज के समृद्ध भजन एवं संगीत परम्परा के प्रतिष्ठित मर्मज्ञ निर्णायकों द्वारा किया जाएगा।
राष्ट्रीय रामायण मेला के द्वितीय दिवस, दिनांक 8 जनवरी 2026 को अपरान्ह 12 बजे से रामायण पर आधारित मानस-प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रयागराज के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएँ प्रतिभाग कर अपने ज्ञान, अध्ययन और विवेक का परिचय देंगे। इसी क्रम में अपरान्ह 3 बजे से विशाल संत समागम एवं मानस पर आधारित शोध एवं विद्वत् गोष्ठी का आयोजन होगा, जिसमें विद्वान संत-महात्मा एवं शोधकर्ता श्रीरामचरितमानस के दार्शनिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक पक्षों पर सारगर्भित विचार प्रस्तुत करेंगे। सायंकाल राष्ट्रीय स्तर के कवियों की सहभागिता से एक भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन होगा, जो श्रोताओं को साहित्यिक एवं भावनात्मक अनुभूति से भर देगा।
राष्ट्रीय रामायण मेला के तृतीय दिवस, दिनांक 9 जनवरी 2026 को पूर्वान्ह 11 बजे से मानस आधारित अन्त्याक्षरी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इस अनूठी प्रतियोगिता में चौपाई, दोहा, सोरठा, छन्द एवं श्लोक के माध्यम से प्रतिभागी छात्र-छात्राएँ अपने अद्भुत स्मरण शक्ति एवं मानस-ज्ञान का परिचय देंगे। उसी दिन अपरान्ह 1 बजे से विशाल सम्मान एवं प्रतिपूर्ति समारोह का आयोजन सुनिश्चित है, जिसमें धार्मिक, सामाजिक, शैक्षिक, आध्यात्मिक एवं राष्ट्र-सेवा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देने वाले महानुभावों को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही नवाचार के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं में सफल छात्र-छात्राओं को भी सम्मान एवं पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
इस अवसर पर समिति के सांस्कृतिक सचिव श्री सतीश कुमार गुप्त ने बताया कि राष्ट्रीय रामायण मेला समाज में श्रीरामचरितमानस एवं रामायण जैसे महान ग्रन्थों में निहित आदर्श जीवनशैली, नैतिक मूल्यों और सनातन संस्कृति के प्रति जन-जागरूकता एवं प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करने का एक सार्थक और प्रभावशाली प्रयास है। यह आयोजन न केवल आध्यात्मिक चेतना का प्रसार करेगा, बल्कि युवा पीढ़ी को भी भारतीय संस्कृति और श्रीराम के आदर्शों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।








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