माघ मेला

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Magh Mela Prayagraj बसंत पंचमी पर लाखों लोग लगाई पुण्य की डुबकी

प्रयागराज : आज माघ मेला के चतुर्थ पवित्र स्नान बसंत पंचमी को को लाखों लोगों ने माँ गंगा , यमुना और सरस्वती के पावन संगम में आस्था की डुबकी लगाई। प्रशासन के अनुसार करीब 15 लाख लोगों ने आज बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर संगम में स्नान किया।

आज सुबह से ही दूर दराज से आये श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ था। प्रशासन ने भी अपनी तरफ से सभी व्यवस्था कर रखी थी जिससे सभी बिना किसी असुविधा के स्नान ध्यान कर सकें।

Uttarakhand Chamoli Glacier : चमोली में ग्लेशियर टूटने से भारी तबाही, ऋषि गंगा और NTPC प्रोजेक्ट को नुकसान

आज सुबह चमोली में ग्लेशियर टूटने से आसपास काम कर रहे कई मजदूर बह गये, ग्लेशियर टूटने से ऋषि गंगा और NTPC प्रोजेक्ट को हुआ नुकसान. आईटीबीपी के 100 से ज्यादा जवान राहत-बचाव के लिए लगे हुए हैं, 150 से ज्यादा मजदूर लापता होने की खबर है.

सरकार ने हेल्पलाइन नंबर 1070 और 9557444486 जारी किए हैं।

उत्तराखंड में आपदा: चमोली में ग्लेशियर टूटने से धौलीगंगा नदी का जल स्तर बढ़ा, पावर प्रोजेक्ट के 150 मजदूर लापता; यूपी में हाई अलर्ट

उत्तराखंड के चमोली जिले में रविवार को ग्लेशियर टूट गया। इसके बाद धौलीगंगा नदी में जल स्तर अचानक बढ़ गया। चमोली के तपोवन इलाके में हुई इस घटना से ऋषिगंगा पावर प्रोजेक्ट को काफी नुकसान पहुंचा है। यहां काम करने वाले 150 मजदूर लापता हैं। नदी के किनारे बसे कई घर पानी में बह गए हैं। आसपास के गांवों को खाली कराया जा रहा है। ऋषि गंगा के अलावा एनटीपीसी के भी एक प्रोजेक्ट को नुकसान पहुंचा है। तपोवन बैराज, श्रीनगर डैम और ऋषिकेश डैम भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।उत्तराखंड से आपदा के अपडेटउत्तर प्रदेश में भी हाई अलर्ट। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंगा किनारे बसे सभी जिलों में नदी के जलस्तर पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए।ITBP के 200 से ज्यादा जवान, SDRF की 10 और NDRF की टीमें रेस्क्यू काम में जुटी हुई हैं। कुछ और टीमें एयरफोर्स के हेलिकॉप्टर से पहुंच रही हैं। ऋषि गंगा पॉवर प्रोजेक्ट को भी इस आपदा में काफी नुकसान पहुंचा है।

सरकार ने हेल्पलाइन नंबर 1070 और 9557444486 जारी किए हैं।

सरकार ने अपील की है कि इस घटना के बारे में पुराने वीडियो सर्कुलेट कर अफवाह न फैलाएं।हरिद्वार में कुंभ मेला चल रहा है। इसलिए राज्य सरकार ने यहां भी हाई अलर्ट जारी कर दिया है।मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जनता से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। वो खुद चमोली रवाना हो चुके हैं।एहतियातन भागीरथी नदी का पानी रोक दिया गया है।

जून 2013 में आई आपदा में 4 हजार से ज्यादा की जान गई थी।

16-17 जून 2013 को बादल फटने से रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी, बागेश्वर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ जिलों में भारी तबाही मचाई। इस आपदा में 4,400 से अधिक लोग मारे गए या लापता हो गए। 4,200 से ज्यादा गांवों का संपर्क टूट गया। इनमें 991 स्थानीय लोग अलग-अलग जगह पर मारे गए। 11,091 से ज्यादा मवेशी बाढ़ में बह गए या मलबे में दबकर मर गए। ग्रामीणों की 1,309 हेक्टेयर भूमि बाढ़ में बह गई। 2,141 भवनों का नामों-निशान मिट गया। 100 से ज्यादा बड़े व छोटे होटल ध्वस्त हो गए। आपदा में नौ नेशनल हाई-वे, 35 स्टेट हाई-वे और 2385 सड़कें 86 मोटर पुल, 172 बड़े और छोटे पुल बह गए या क्षतिग्रस्त हो गए थे।

Prayagraj

Mauni Amavasya Prayagraj मौनी अमावस्या के पर्व को लेकर 3 दिन बसे अस्थाई बस स्टेशन से चलेंगे

Mauni Amavasya Prayagraj – मौनी अमावस्या के पर्व को लेकर 3 दिन बसे अस्थाई बस स्टेशन से चलेंगे
प्रयागराज माघ मेले के सबसे बड़े स्नान पर्व मौनी अमावस्या के मौके पर रोडवेज द्वारा सिविल लाइन बस स्टेशन के साथ नैनी और झूंशी में बनाए गए अस्थाई बस स्टेशन से ही बसों का संचालन शुरू होगा। यह व्यवस्था 10 से 12 फरवरी तक रहेगी। अमावस्या के मौके पर रोडवेज ने 2000 बसों के संचालन की तैयारियां कर ली है ।इस दौरान सिविल लाइंस बस स्टेशन से सिर्फ लखनऊ फैजाबाद प्रतापगढ़ रूट की बसों का ही संचालन होगा। रोडवेज ने मोनी अमावस्या के अवसर पर मिर्जापुर बांदा रीवा और चित्रकूट की बसें नैनी लेप्रसी हॉस्पिटल चौराहे के पास बनाए गए अस्थाई बस स्टेशन से करने की तैयारियां हैं। इस अवधि में जीरो रोड बस स्टेशन बंद रहेगा। वही वाराणसी गोरखपुर आजमगढ़ जौनपुर बलिया गाजीपुर आज रूट की बसें झूसी स्थित रोडवेज के बस स्टेशन से चलाई जाएंगी। कानपुर फतेहपुर दिल्ली रूट की बसों का संचालन सिविल लाइन के पास से किया जाएगा रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया की अमावस्या पर काफी भीड़ रहती है। अमावस्या स्नान की तैयारियों को लेकर एक वर्चुअल बैठक भी होगी।

Say No To Polythene : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मेला प्रशासन और नगर निगम प्रयागराज को निर्देश दिया कि मेले के दौरान पॉलिथीन के प्रयोग पर रोक लगाएं

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मेला प्रशासन और नगर निगम प्रयागराज को निर्देश दिया कि मेले के दौरान पॉलिथीन के प्रयोग पर रोक लगाएं
प्रयागराजः इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मेला प्रशासन और नगर निगम प्रयागराज को निर्देश दिया कि मेले के दौरान पॉलिथीन के प्रयोग पर रोक लगाए जाएं तथा गंगा और यमुना के तट पर पॉलिथीन का कचरा पहुंचने से रोके। कोर्ट ने नगर आयुक्त से 50 माइक्रोन की पॉलीथिन पर रोक लगाने के संबंध में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी है। कोर्ट ने गंगा यमुना प्रदूषण मामले की सुनवाई करते हुए राष्ट्रीय पर्यावरण अभियंता शोध संस्थान को नोटिस जारी कर, गंगा में गिरने वाले नालों के शोधन प्रक्रिया की जानकारी भी मांगी ।कोर्ट ने केंद्र सरकार से गंगा नदी बेसिन संरक्षण परियोजना और आईआईटी कंसोर्सियम द्वारा दी गई रिपोर्ट की जानकारी भी मांगी पूर्व के आदेश में हाईकोर्ट ने आईआईटी को इस पर रिपोर्ट देने के लिए कहा था हाईकोर्ट ने गंगा यमुना में न्यूनतम 50 फ़ीसदी जल प्रवाह बनाए रखने के लिए उठाए गए कदमों की भी जानकारी मांगी ।यदि किसी परियोजना पर काम चल रहा हो तो पूरी जानकारी भी देवै।

Prayagraj Magh Mela Paush Purnima संतो व कल्प वासियों ने बड़ी संख्या में लगाई त्रिवेणी तट पर पुण्य की डुबकी

संतो व कल्प वासियों ने बड़ी संख्या में लगाई त्रिवेणी तट पर पुण्य की डुबकी
प्रयागराज कपकपी छुड़ा देने वाली ठंड के बीच बृहस्पतिवार को पौस पूर्णिमा पर त्रिवेणी संगम तट पर देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं ने पुण्य की डुबकी लगाई उन्हें ना तो ठिठुरन की चिंता हुई और ना ही किसी के चेहरे पर कोरोना वायरस भय लगा ।आस्था के रंग में रंगे संतो भक्तों ने पतित पावनी गंगा के दोनों तटों पर स्नान के साथ ही अन्य वस्त्र का दान किया। कहीं जयकारे गूंजते रहे तो कहीं दियो की लौ जलाकर मंगल कामना की जाती रही। माघ मेला के दूसरे सबसे बड़े स्नान पर्व पर आधी रात के बाद ही मेला क्षेत्र में वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया था। इस दौरान ट्रैक्टर ट्राली पर पुआल लकड़ी चूल्हा और गृहस्थी के सामान लेकर कल्प्वासी अलग मार्ग से अपने शिविरों में पहुंचते रहे ।इसी के साथ आम श्रद्धालुओं का भी रेला आधी रात से ही संगम की ओर बढ़ने लगा। लाल मार्ग काली मार्ग गांव त्रिवेणी मार्ग पर लंबी कतारें लग गई। भजननंदियो की टोलियां भी संगीत में संकीर्तन से पौष पूर्णिमा की ठिठुरन में भक्ति का रस बोल रही थी ।जो संगम की सर्कुलेटिंग एरिया में स्र्नानर्थी के माथे पर तिलक त्रिपुंड लगाने वाले पुरोहित भी हर किसी का ध्यान खींचते रहे ।इसी के साथ ही संगम में आस्था की डुबकी भोर से ही लगने लगे ।कल्प वासियों श्रद्धालुओं की भीड़ तो उमड़ी ही संतों की टोलियां भी स्नान के लिए दिनभर संगम पहुंचती रही।

Prayagraj Magh Mela : 27 जनवरी से पूर्णिमा स्नान के मद्देनजर रात से लेकर 29 जनवरी तक डायवर्जन लागू

27 जनवरी से पूर्णिमा स्नान के मद्देनजर रात से लेकर 29 जनवरी तक डायवर्जन लागू
प्रयागराज पौष पूर्णिमा स्नान के मद्देनजर 27 जनवरी की रात से लेकर 29 जनवरी तक डायवर्जन लागू होगा। इस दौरान पार्किंग के लिए जगह निर्धारित की गई ।माघ मेले में श्रद्धालु प्लाट नंबर 1, 17 गल्ला मंडी दारागंज, पांटून पुल वर्कशॉप हेलीपैड पार्किंग काली सड़क पार्किंग पर गाड़ियां पार्क कर सकते हैं। इसके अलावा मिर्जापुर रीवा से आने वाले सभी वाहनों को लेप्रसी चौराहे के पास, जौनपुर वाराणसी से आने वाले वाहनों को कटका तिराहे पर डाइवर्ट कर चीनी मिल पार्क, कानपुर से आने वाले वाहनों को केपी इंटर कॉलेज, लखनऊ से आने वाले वाहनों को कर्नलगंज इंटर कॉलेज और बक्शी बांध कार पार्किंग मे पार्क किया जाएगा। प्रमुख स्थानों के दिन अच्छेबट दर्शन बंद रहेगा।

Prayagraj Magh Mela Kalpwas : आज से 1 माह का कल्पवास और पुण्य की आस

आज से 1 माह का कल्पवास और पुण्य की आस
प्रयागराज पौष पूर्णिमा पर डुबकी के साथ बृहस्पतिवार से संगम की रेती पर जीवन का पर्याय कल्पवास आरंभ हो गया।इस दौरान संगम क्षेत्र में नियमित दिनचर्या के साथ खानपान आचरण मर्यादा संकल्प और सरोकारों का अनुशासन बनाया रखा जाएगा। परंपरा अनुसार आज से उपवास दो या तीन समय स्नान की समय भोजन के साथ ही।जमीनमें सोने और कल्प वासी अपने-अपने शिविर में ठाकुर जी का विग्रह स्थापित कर के शिविर के बाहर तुलसी का पौधा रोपण करेगे और जौ बोएगें तीर्थ पुरोहित कहते हैं तुलसी और जौ का पौधा विकास सुख और समृद्धि का प्रतीक है ।मान्यता है कि जैसे जैसे पौधे बढ़ेंगे व्यक्ति की चारो ओर और अधिक प्रगति भी बढ़ेगी।

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Prayagraj Maghmela 2021 सेक्टर 4 के शिविर गंगा में कटान से खतरे में

सेक्टर 4 के शिविर गंगा में कटान से खतरे में
बालू की बोरियों से कटान रोकने का प्रयास, शिविर से 50 मीटर दूर रह गई है गंगा की धारा।
प्रयागराज माघ मेला क्षेत्र में गंगाजल की शुचिता और स्नानार्थी को स्वच्छ गंगा उपलब्ध कराने के लिए नरोरा समेत अन्य स्थानों से छोड़ा गया पानी अब मुसीबत बन गया है। बुधवार को सेक्टर 4 में गंगा की कटान फिर तेज हो गई इससे वाराणसी के मछली बंदर शिविर पर खतरा मंडराने लगा। अफसरों के मुताबिक शिविर संचालकों को आपात स्थिति के लिए सचेत रहने को कहा गया है। कई विभागों के अफसर दिन में मौके पर डटे रहे हैं। बालू की बोरियां लगाकर कटान रोकने के प्रयास देर रात तक किए जाते रहे। गंगा की कटान से मुनि आश्रम कानपुर शिविर के चार तंबू हटाए जा चुके हैं। नियमानुसार घाट से 200 मीटर दूर शिविर स्थापना के लिए जमीन दी गई है गंगा के कटान से सिमटकर करीब 50 मीटर रह गई है।कटान इतनी तेज है कि किनारों पर काम करना मुश्किल हो रहा है। अब गंगा की जद में वाराणसी का मछली बंदर शिविर आ सकता है संचालकों से दुविधा है कि यह ऐन मौके पर क्या करें कटान मे तेजी बनी रही तो शिविर में तंबू एहतियातन हटवाए जा सकते हैं।