कृषि मंत्री

Crop Insurance Drone फसल बीमा योजना के दावो का निपटारा अब ड्रोन से

फसल बीमा योजना के दावो का निपटारा अब ड्रोन से होगा
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के साथ दावो का निपटारा ड्रोन से किए जाएंगे। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि धान और गेहूं कि अधिक पैदावार वाले 100 जिले के ऊपर ड्रोन उड़ाने के लिए कृषि विभाग के प्रस्ताव को डीजीसीए से मंजूरी मिल गए हैं।कृषि मंत्री ने कहा कि देश में या पहला रिमोट सेसिंग तकनीक आधारित सबसे बड़ा पायलेट अध्ययन है जिसमें फसल की पैदावार का आकलन किया जाएगा। इस अध्ययन से सेटेलाइट के हाई रेजोल्यूशन वाले कैमरों से लिए गए आकड़े जैव भौतिकी मॉडल स्मार्ट तरीके से नमूनों को जुटाना उपज कि नजदीक से तस्वीरें संबंधित जानकारी भी जुटाई जा सकेंगी। मुआवजे के लिए दावो पे सत्यता की जांच इन आकड़ो के आधार पर ले सकेंगे। इससे पता करने की कोशिश होगी दावा करने वाले किसान के खेत में कोई घटना हुई है या नहीं।

Kisan Bill Update : सरकार कृषि कानूनों के मामले में खुद हस्तक्षेप करने से बचने और सब कुछ सुप्रीम कोर्ट पर छोड़ने का साथ दिया संदेश

सरकार कृषि कानूनों के मामले में खुद हस्तक्षेप करने से बचने और सब कुछ सुप्रीम कोर्ट पर छोड़ने का साथ दिया संदेश
नई दिल्लीः सरकार ने कृषि कानूनों के मामले में खुद हस्तक्षेप करने से बचने और सब कुछ सुप्रीम कोर्ट पर छोड़ने का साफ संदेश दिया। बजट सत्र के पहले दिन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने अभिभाषण में तो कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने इसी आशय का साफ संदेश दिया है ऐसी परिस्थिति में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित तीन सदस्यीय समिति की भूमिका फिर से महत्वपूर्ण हो गई। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करते हुए कृषि कानूनों की जमकर तारीफ की और यह भी कहा कि वर्तमान में कृषि कानूनों की लागू करने पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा रखा है हमारी सरकार सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का पूरा सम्मान और उसका पालन करेगी। वही हमने भी कहा कि सरकार किसान संगठनों को कोई नया प्रस्ताव नहीं देगी सरकार ने अपनी ओर से और उसका पालन करेगी। सरकार ने अपनी ओर से स्थगित करने वह सर्व पक्षीय समिति बनाने का सबसे अच्छा प्रस्ताव पहले ही दे दिया था अब इससे आगे सरकार कुछ नहीं करेगी।

Kisan Andolan Update किसान संगठनों द्वारा बोला गया के आंदोलन नहीं टूटेगा, कारवां और बड़ा होगा

किसान संगठनों द्वारा बोला गया के आंदोलन नहीं टूटेगा कारवां और बड़ा होगा
कृषि कानून को रद्द करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों ने घटनाओं को लेकर सरकार को चेतावनी दी और कहा आंदोलन तोड़ने की जितनी साजिश रची जाएगी कारवां उतना ही बढ़ता जाएगा ।किसान नेताओं ने गाजीपुर और सिंधु बॉर्डर की घटनाओं को r.s.s. व भाजपा की साजिश बताया। इसके साथ ही कहा कि सरकार प्रस्ताव देगी तो बातचीत के लिए जरूर जाएंगे। क्योंकि उनकी तरफ से रास्ता हमेंसा खुला हुआ है। देशभर में 30 जनवरी यानी आज सद्भावना दिवस मनाया जा रहा है ।किसान नेता उपवास रखेंगे शुक्रवार को सिंधु बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा के नेता दर्शन पाल बलवीर सिंह राशि वालों अमरजीत सिंह शिवकुमार कक्का जगदीश सिंह दलेवाल युद्धवीर सिंह ने प्रेस वार्ता की और कहा कि गाजीपुर बॉर्डर पर बृहस्पतिवार रात जिस तरह से आंदोलन को दबाने का प्रयास केंद्र और यूपी सरकार ने किया और किसी भी हालत में सहन नहीं किया जाएगा और सरकार को इस तरह की हरकत से बाज आना चाहिए ।उन्होंने कहा कि राकेश टिकैत जिस मजबूती के साथ डटे रहे उसका नतीजा अब सरकार ने खुद भी देख लिया है और धरना स्थल पर कई गुना ज्यादा किसान पहुंच गए हैं। कहा कि सरकार ने भाईचारा तोड़ने का प्रयास भी किया। लेकिन हरियाणा के किसान भाई और ज्यादा साथ मे खड़े हो गए। किसान नेता डॉ दर्शन पाल ने कहा कि इंटरनेट पानी और बिजली बंद करना सरकार की बौखलाहट का नतीजा है ।सरकार ने इस तरह की हरकत को नहीं छोड़ा तो किसान सड़कों पर उतर सकते हैं। किसान नेता अमरजीत ने कहा कि सद्भावना दिवस में सभी यूनियनों के प्रमुख सुबह से शाम तक भूख हड़ताल पर रहेंगेः दल्लेवाल ने कहा कि गाजीपुर में किसानों का जत्था पहुंचने लगे हैं। हरियाणा की ओर से भी किसानों के समर्थन मे बढ़-चढ़कर लोग शामिल हो रहे हैं।

Agriculture Bill : क्या आज निकलेगा कृषि कानूनों पर जारी घमासान का समाधान? ८वें दौर की बातचीत मे किससे कितनी उम्मीद

पिछ्ले ५० दिनों से किसानों और सरकार के बीच चल रहे किसान बिल पर जारी गतिरोध को सामाप्त करने के लिए आज ९वे दौर की चर्चा विज्ञान भवन मे दोपहर १२ बजे से आयोजित की गयी है| जहाँ कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को चर्चा के सकारात्मक होने की उम्मीद है वहीं किसान नेताओं को इस बातचीत से कोई खास उम्मीद नही है क्योंकि वे किसान बिल को वापस लेने पर अड़े हैं|

जहाँ तक उम्मीद है सरकार और किसान संघों के बीच यह आख़िरी दौर की बातचीत हो क्योंकि उच्च्तम न्यायालय ने किसान बिल पर जारी गतिरोध को समाप्त करने के लिए पैनल का गठन किया है जिसकी पहली बैठक १९ जनवरी को होने की संभावना है |

वहीं बैठक से पहले भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा है कि आगामी 26 जनवरी को किसान अपनी रैली लालकिले से इंडिया गेट तक निकालेंगे और फिर सभी किसान वहाँ से अमर जवान ज्योति पर इकट्ठा होंगे और वहां पर तिरंगा फहराया जाएगा, यह ऐतिहासिक होगा, जहां एक तरफ किसान होंगे और दूसरी तरफ जवान।’

अब आगे देखने वाली बात यह है कि सरकार इस पर अपनी क्या प्रतिक्रिया देती है और आज के बातचीत मे क्या समाधान निकालने की कोशिश करती है|

Shopping Cart