नदी में बहती लाशें कर रही मछुआरों का जीना मुश्किल।

यूपी और बिहार में नदी किनारे बहती लाशें जिन्हें सोशल मीडिया और न्यूज़ चैनल के माध्यम से सामने लाया गया।अब वो समाज के एक बड़े वर्ग की रोजी-रोटी के लिए मुशीबत का सबब बनी हुई है। दरअशल कोरोना की इस महामारी मे जहाँ गरीब तबके के लोग आर्थिक तंगी से जूझ रहे है वहीं मछुआरों के लिये ये और बड़ी मुशीबत बन गया है।लोग अब खौफ से मछलियों को खाने से परहेज़ कर रहे है यहाँ तक कि वो तालाब की भी मछलियां नहीं खा रहे। जिसका कारण है नदियों में बहती लाशें जिनको चील-कौए नोच रहे है।एकतरफ जहाँ कोरोना के बाद लोग ब्लैक-व्हाइट और अब येलो फंगस से ख़ौफ़ज़दा है। इस वक़्त लोग किसी भी तरह का जोखिम उठाने से परहेज़ कर रहे। जो कि काफ़ी हद तक सही भी।सरकार को चाहिए कि इन जैसे ग़रीब जो कि पूरी तरह से आर्थिक तंगी से जूझ रहे है। इनके लिए सरकार अनाज़ और कुछ पैसे की व्यवस्था करे।

शादमान रहमान