सौखेला गांव में एक खड़िया माइन ने ग्रामीण की बिना एनओसी लिए ही उसकी डेढ नाली जमीन का खनन मलबे से पाट दिया।

सौखेला गांव में एक खड़िया माइन ने ग्रामीण की बिना एनओसी लिए ही उसकी डेढ नाली जमीन का खनन मलबे से पाट दिया।

बागेश्वर:कांडा

सौखेला गांव में एक खड़िया माइन ने ग्रामीण की बिना एनओसी लिए ही उसकी डेढ नाली जमीन का खनन मलबे से पाट दिया।
पीड़ित ग्रामीण एसडीएम दरबार पहुंचा जहां से जांच के आदेश हुए पटवारी ने जमीन खाली करने के लिए स्टोन स्वामी को लिखा लेकिन आज तक पीड़ित के खेत से तलबा नहीं हटाया गया। अब पीड़ित अपनी जमीन के हुए हर्जाने की मांग उठा रहा है। आरोप यह भी है कि इस खड़िया माइन की वजह से अलकन्या से लोहार खेत को जाने वाला आम रास्ता भी पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है। जिससे ग्रामीणों को परेशानी हो रही है।
सौखोला का रहने वाले पूर्व सैनिक शेर सिंह नगरकोटी ने 16 अप्रैल को एसडीएम कांडा को एक शिकायती पत्र सौंपा था जिसमें कहा गया था कि उसकी सौखोला तोक में डेढ क्यारी जमीन थी जिसमें तीन खेत थे। छह महीने पहले नंदितमा खड़िया माईन की ओर से इस जमीन पर क्रशर का मलबा डालना शुरू किया गया और धीरे धीरे सकी जमीन मलबे से पूरी तरह पाट दी गई। लेकिन इससे पहले माईन प्रबंधन ने उससे न तो बात की और न ही उससे एनओसी ली। उनका आरेाप था कि इस माइन की वजह से अलकन्या से लोहारखेत जाने वाले नक्शासुदा आम रास्ते को ध्वस्तत कर दिया गया है।
एसडीएम ने मामले की जांच हलका पटवारी को सौंपी। उन्होंने जांच भी की और माइन प्रबंधन से अपना मलबा हटाने के लिए भी कहा लेकिन अभी तक मलबा नहीं हटाया जा सका है।
अब खेत स्वामी ने अपने खेतों के बर्बाद होने का मुआवजा माइन प्रबंधन से मांगा है।

पूर्व सैनिक दर दर भटक रहे हैं शेर सिंह नगरकोटी की जमीन पर कब्जा नंदिता माइन इस्कोन थ‌र‌प कांडा वालों ने 6 महीने से अवैध कब्जा किया है जिसमें शेर सिंह नगरकोटी द्वारा एसडीएम कांडा को ज्ञापन 16 अप्रैल को दिया गया था जिसमें पटवारी मोहन सिंह भाकुनी के द्वारा जांच भी हो चुकी है लेकिन आज तक ना तो मिट्टी हटाई गई है ना ही उसे मुआवजा दिया गया है सरकार के मुलाजिम खड़िया खान वालों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की जा रही हैं
लोहार खेत एक खड़िया माइन ने ग्रामीण की बिना एनओसी लिए ही उसकी डेढ नाली जमीन का खनन मलबे से पाट दिया। पीड़ित ग्रामीण एसडीएम दरबार पहुंचा जहां से जांच के आदेश हुए पटवारी ने जमीन खाली करने के लिए स्टोन स्वामी को लिखा लेकिन आज तक पीड़ित के खेत से मलबा नहीं हटाया गया। अब पीड़ित अपनी जमीन के लिऐ हर्जाने की मांग उठा रहा है। ना जमीन से मिट्टी हटाई गई ना हरजाना मिला तहसील प्रशासन के आला अधिकारी मौन धारण करके बैठे हुए हैं पट्टा धारक को अब तक एक नोटिस भी नहीं भेजा गया अब आरोप यह भी ग्रामीणों का प्रशासन पर आरोप लग रहा है प्रशासन के अधिकारी बंद लिफाफे में मोटी रकम ले चुके हैं इसी वजह से ग्रामीणों को इंसाफ नहीं मिल पा रहा है इस खड़िया माइन की वजह से अलकन्या से लोहार खेत को जाने वाला आम रास्ता भी पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है। जिससे ग्रामीणों को परेशानी हो रही है।
सौखोला का रहने वाले पूर्व सैनिक शेर सिंह नगरकोटी ने 16 अप्रैल को एसडीएम कांडा को एक शिकायती पत्र सौंपा था जिसमें कहा गया था कि उसकी सौखोला तोक में डेढ क्यारी जमीन थी जिसमें तीन खेत थे। छह महीने पहले नंदितमा खड़िया माईन की ओर से इस जमीन पर क्रशर का मलबा डालना शुरू किया गया और धीरे धीरे सकी जमीन मलबे से पूरी तरह पाट दी गई। लेकिन इससे पहले माईन प्रबंधन ने उससे न तो बात की और न ही उससे एनओसी ली। उनका आरेाप था कि इस माइन की वजह से अलकन्या से लोहारखेत जाने वाले नक्शासुदा आम रास्ते को ध्वस्तत कर दिया गया है।
एसडीएम ने मामले की जांच हलका पटवारी को सौंपी। उन्होंने जांच भी की और माइन प्रबंधन से अपना मलबा हटाने के लिए भी कहा लेकिन अभी तक मलबा नहीं हटाया जा सका है।
अब खेत स्वामी ने अपने खेतों के बर्बाद होने का मुआवजा माइन प्रबंधन से मांगा है।

पूर्व सैनिक दर दर भटक रहे हैं शेर सिंह नगरकोटी की जमीन पर कब्जा नंदिता माइन इस्कोन थ‌र‌प कांडा वालों ने 6 महीने से अवैध कब्जा किया है जिसमें शेर सिंह नगरकोटी द्वारा एसडीएम कांडा को ज्ञापन 16 अप्रैल को दिया गया था जिसमें पटवारी मोहन सिंह भाकुनी के द्वारा जांच भी हो चुकी है लेकिन आज तक ना तो मिट्टी हटाई गई है ना ही उसे मुआवजा दिया गया है सरकार के मुलाजिम खड़िया खान वालों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की जा रही हैं

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