उत्तराखंड में बारिश का कहर

उत्तराखंड के ज्यादातर जिलों में मंगलवार से हो रही बारिश ने फिर से कई सड़कों पर आवाजाही ठप कर दी। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन के कारण करीब 150 सड़कें बंद हो गईं, लेकिन अच्छी बात यह है कि चारधाम यात्रा मार्ग सहित सभी राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात के लिए खुले हैं। उधर, कुमाऊं में पिथौरागढ़ में कुलागाड़ क्षेत्र में हुई भारी बारिश ने तबाही मचाई है। यहां नाले के उफनाने से 48 मीटर पक्का पुल बह गया। जिससे यातायात पूरी तरह से ठप हो गया। गोत्री-यमुनोत्री हाईवे सहित 21 ग्रामीण मोटर मार्गों पर मलबा आने से यातायात अवरुद्ध रहा था हालांकि उनमे से कई मार्ग जैसे गंगोत्री व यमुनोत्री हाईवे पर आवाजाही बहाल हो गई, यमुनाघाटी में बरसाती गदेरे उफान पर आने से कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा था !

श्रीनगर। विकास खंड कीर्तिनगर के अकरी बारजूला और डागर क्षेत्र में भारी बारिश के कारण चंद्रभागा नदी का जलस्तर बढ़ गया, जिससे ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर जयालगढ़ मोटर पुल के नीचे 150 मीटर लंबी झील बन गई है। इससे नदी किनारे खड़ी एक कार करीब 50 मीटर दूर तक बह गई थी ! गदेरों में पानी बढ़ने से कई गांवों की पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गयी है ! मूसलाधार बारिश व बिजली गिरने से कोटीपार गांव में 5 जबकि नागाड़ तोक में 4 बकरियां मर गईं। वहीं मेलखेत गांव की पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं घेस घाटी में ग्रामीणों को खेती की जमीन को भी नुकसान पहुंचा है। घेस घाटी में बिजली लाइन में फॉल्ट आने से दो दिन से बिजली की सप्लाई बंद है। सचिवालय में स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हुई बारिश के कारण कई नदी-नाले उफान पर आ गए। राज्य में करीब 150 सड़कें भूस्खलन और दूसरे कारणों से अवरुद्ध हो गई हैं। इन सड़कों को त्वरित गति से खोलने का काम किया जा रहा है। चमोली में ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग बड़े-छोटे वाहनों के लिए खुला है, जबकि जनपद में 23 ग्रामीण सड़कें अवरुद्ध हुई हैं। 

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