ये हैं असलियत।।

चिदम्बरम 10 साल तक मंत्री रहे और जिस घर में रहते थे वह बंग्ला उनकी पत्नी के नाम पर था। दोनों उसी में रहते थे, लेकिन भारत सरकार से पत्नी को मकान मालिक दिखाकर 20 लाख रू हर महीना किराया लेते थे।

दूसरा नया #संसद भवन बन रहा है यानि “#विस्टा”….

भारत #सरकार के 30-40 मंत्रालय किराये की बिल्डिंग में चलते हैं एक मंत्रालय का किराया एक साल का 20-25 करोड़ हैं और सारे मंत्रालय के मकान मालिक केवल कांग्रेसी व वामपंथी हैं, इसीलिए नया संसद बनने का विरोध कर रहे हैं क्योंकि नये संसद में सारे मंत्रालय शिफ्ट हो जायेगे तो कांगेसियों व वामपंथियों को किराया मिलना बंद हो जायेगा। नये संसद भवन के निर्माण में कुल 975 करोड़ का खर्चा आएगा।

जबकि आज 30-40 मंत्रालय का किराया ही पूरे एक साल का लगभग 500 करोड़ है यानि केवल 2 साल के किराये से नया संसद भवन तैयार हो जाएगा।
इसीलिए कांग्रेसी सेंट्रल विस्टा का निर्माण रुकवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट चले गये।

कल याचिकाकर्ता को सुप्रीम कोर्ट ने 1 लाख जुर्माना व कड़ी फटकार लगाकर याचिका खारिज कर दी। मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को यही सब बता दिया था।

अब हमें और आपको यह सोचने की जरूरत है कि देश का असली हितैषी कौन है ?

जागोदेशवासियोंजागो

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